हल्का भोजन
मूंग खिचड़ी
चावल और पीली मूंग, हल्दी, जीरा और अदरक के साथ नरम पकी। इस संग्रह की सबसे हल्की कढ़ाई।
30 मिनट
4 में से 0 चरण पूरे
3 सर्विंग
तीखापन: बिना मिर्च
अनुमानित पोषण
मूल सर्विंग का मोटा अंदाज़ा, प्रयोगशाला की जाँच नहीं।
- ऊर्जा230 प्रति सर्विंग
- प्रोटीन10g प्रति सर्विंग
- कार्बोहाइड्रेट36g प्रति सर्विंग
- फ़ाइबर4g प्रति सर्विंग
सामग्री
विधि
जुड़े नुस्खे
थके पेट के लिए एक दिन की मूँग दाल खिचड़ीत्योहारों, शादियों या हफ़्ते भर बाहर खाने के बाद एक दिन सादी मूँग दाल खिचड़ी पाचन को छुट्टी देती है। आयुर्वेद में ‘डिटॉक्स’ का मतलब यही है — भूखा रहना नहीं, बल्कि पोषक, गरम और हल्का भोजन।
वायरल बुखार में और उसके बाद खान-पान: मूँग का पानी, आराम और हल्का भोजनवायरल बुखार में भूख ग़ायब हो जाती है और पाचन बहुत धीमा हो जाता है। आयुर्वेद की सलाह — मूँग दाल का पानी और चावल का माँड़ जैसा हल्का, गरम, तरल भोजन, भरपूर तरल और सच्चा आराम — आधुनिक समझदारी भरी देखभाल से अच्छी तरह मेल खाती है।
टाइफाइड में क्या खाएं: नरम, ऊर्जा से भरपूर भोजन और सुरक्षित तरलटाइफाइड बुखार शरीर को हफ़्तों तक कमज़ोर और आँतों को संवेदनशील छोड़ देता है। टाइफाइड में क्या खाएं — खिचड़ी, दही-चावल, मसले आलू, उबले अंडे, केले जैसे नरम, सुपाच्य पर ऊर्जा से भरपूर खाने और ख़ूब सुरक्षित तरल पर यह आहार केंद्रित है, ताकि डॉक्टर के लिखे एंटीबायोटिक के पूरे कोर्स को सहारा मिले।