आयुर्वेदिक घरेलू नुस्खे
रोज़मर्रा की आम तकलीफ़ों के लिए सरल, पारंपरिक उपाय। हर नुस्खे में सामग्री, बनाने की विधि, इस्तेमाल का तरीका और सबसे ज़रूरी — सावधानियाँ दी गई हैं।
यह घरेलू नुस्खों की पूरी सूची है। हर नुस्खे का एक ही पता नुस्खे वाले पते पर है। समस्या के अनुसार देखें
दिखाए जा रहे हैं 24 में से 611 नुस्खे

पाचन
5 मिनटखाने से पहले अदरक–नींबू का टुकड़ा
दोपहर के भोजन से पहले ताज़ा अदरक का छोटा-सा टुकड़ा नींबू और सेंधा नमक के साथ चबाना — सुस्त भूख को जगाने और अग्नि (पाचन शक्ति) को सहारा देने का पुराना तरीका है।
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पाचन
10 मिनटजीरा–धनिया–सौंफ की चाय
बीजों से बनी हल्की और सुकून देने वाली चाय, जिसे दिन भर घूँट-घूँट पिया जाता है। ज़्यादातर लोगों को यह आसानी से सूट करती है और खाने के बाद पेट फूलने या भारीपन में अक्सर ली जाती है।
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पाचन
2 मिनटगैस में अजवाइन और काला नमक
अजवाइन का स्वाद तीखा और तासीर गर्म होती है। भारी भोजन के बाद कभी-कभार होने वाली गैस और मरोड़ में चुटकी भर अजवाइन काले नमक और गुनगुने पानी के साथ लेना रसोई का जाना-माना उपाय है।
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पाचन
5 मिनटदोपहर के भोजन के साथ मसाला छाछ (तक्र)
भुने जीरे वाली ताज़ी, पतली छाछ को आयुर्वेद में पाचन के लिए सबसे अच्छे पेयों में गिना गया है। यह हल्की होती है, पेट को ठंडक देती है और झटपट बन जाती है।
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पाचन
2 मिनटरात को गुनगुने पानी के साथ त्रिफला
त्रिफला — आँवला, हरड़ और बहेड़ा का मिश्रण — आयुर्वेद के सबसे प्रचलित योगों में से एक है। कभी-कभार होने वाली कब्ज़ और पेट साफ़ रखने के लिए रात को इसकी थोड़ी मात्रा ली जाती है।
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पाचन
1 मिनटभोजन के बाद सौंफ और मिश्री
खाने के बाद सौंफ-मिश्री सिर्फ़ मुँह की ताज़गी के लिए नहीं है। सौंफ की तासीर ठंडी है और हल्की एसिडिटी व पेट फूलने में इसे परंपरा से चबाया जाता है।
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त्वचा
5 मिनटनिखरी त्वचा के लिए बेसन–हल्दी उबटन
उबटन वह पारंपरिक लेप है जो त्योहारों और शादियों से पहले लगाया जाता है। बेसन धीरे से मैल और तेल हटाता है, और हल्दी व दही त्वचा को मुलायम बनाते हैं।
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त्वचा
5 मिनटधूप से थकी त्वचा के लिए ताज़ा एलोवेरा जेल
एलोवेरा (घृतकुमारी) ठंडक और राहत देता है। धूप में रहने के बाद अगर त्वचा गर्म और खिंची-खिंची लगे तो घर के पौधे का ताज़ा जेल आसान उपाय है।
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त्वचा
5 मिनटतैलीय त्वचा के लिए मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल का पैक
मुल्तानी मिट्टी अतिरिक्त तेल सोखती है और ठंडक देती है, इसलिए तैलीय, पित्त-प्रकृति वाली त्वचा के लिए यह गर्मियों का पसंदीदा फ़ेस पैक है।
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त्वचा
3 मिनटरूखी त्वचा के लिए शहद और दूध से सफ़ाई
सर्दियों की हवा से त्वचा खुरदरी हो जाए तो साबुन की जगह कच्चे दूध और शहद से हल्की सफ़ाई एक नरम विकल्प है। यह रूखी, वात-प्रकृति वाली त्वचा के लिए अच्छा है।
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बाल
15 मिनटनारियल और करी पत्ते का बालों का तेल
दक्षिण भारतीय घरों का पसंदीदा नुस्खा: ताज़े करी पत्तों के साथ हल्का गरम किया गया नारियल तेल। नियमित तेल मालिश (शिरो अभ्यंग) सिर की त्वचा को पोषण देती है और बहुत सुकून देती है।
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बाल
10 मिनटआँवला और मेथी का हेयर पैक
भीगे हुए मेथी दाने चिकने होकर बालों को कंडीशन करते हैं, और आँवला पाउडर बालों का पारंपरिक टॉनिक है। दोनों मिलकर बेजान, रूखे बालों के लिए आसान पैक बनाते हैं।
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बाल
10 मिनटगुड़हल और दही का हेयर मास्क
लाल गुड़हल के फूल और पत्तियाँ चिकनी और लसदार होती हैं, जो बालों को मुलायम बनाती हैं। दही के साथ मिलाकर यह ठंडक देने वाला मास्क बनता है, जिस पर कई दादी-नानी भरोसा करती हैं।
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रोग प्रतिरोधक क्षमता
10 मिनटहल्दी वाला दूध
हल्दी, चुटकी भर काली मिर्च और थोड़े घी के साथ पकाया गरम दूध भारत का सबसे जाना-माना रात का पेय है, जिसे ख़ासकर मौसम बदलने पर पिया जाता है।
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रोग प्रतिरोधक क्षमता
5 मिनटसुबह शहद के साथ ताज़ा आँवला
आँवला आयुर्वेद के सबसे सम्मानित रसायनों में से एक है और विटामिन C का भरपूर प्राकृतिक स्रोत है। मौसम में ताज़ा आँवला खाना इसका सबसे आसान तरीका है।
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रोग प्रतिरोधक क्षमता
2 मिनटसुबह की ऊर्जा के लिए भीगे बादाम और किशमिश
भिगोने से बादाम और किशमिश आसानी से पचते हैं। सुबह इनकी छोटी-सी मुट्ठी दिन की पौष्टिक और पारंपरिक शुरुआत है, ख़ासकर विद्यार्थियों और बुज़ुर्गों के लिए।
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सर्दी-खाँसी
15 मिनटमौसमी सर्दी-ज़ुकाम में तुलसी–अदरक का काढ़ा
नाक बहनी शुरू होते ही अनगिनत भारतीय घरों में बनने वाला गरम काढ़ा। तुलसी, अदरक, काली मिर्च और दालचीनी इसे ख़ुशबूदार और राहत भरा बनाते हैं।
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सर्दी-खाँसी
5 मिनटखराश वाली खाँसी में अदरक का रस और शहद
एक चम्मच ताज़े अदरक के रस में शहद मिलाकर लेना गले की ख़राश और सूखी खाँसी में राहत का पुराना और आज़माया हुआ तरीका है।
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सर्दी-खाँसी
10 मिनटबंद नाक में अजवाइन की भाप
सर्दी-ज़ुकाम में बंद नाक और भारी सिर से राहत के लिए अजवाइन डली गरम भाप लेना एक आसान उपाय है।
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सर्दी-खाँसी
3 मिनटगले की ख़राश में गुनगुने पानी, नमक और हल्दी से गरारे
गुनगुने नमक-पानी में चुटकी भर हल्दी मिलाकर गरारे करना गले की ख़राश के लिए सबसे आसान और सबसे ज़्यादा सुझाए जाने वाले घरेलू उपायों में से एक है।
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सर्दी-खाँसी
2 मिनटसीने की जकड़न में काली मिर्च और शहद
आयुर्वेद में काली मिर्च (मरिच) को उसके तीखे, कफ घटाने वाले गुण के लिए महत्व दिया गया है। जब ज़ुकाम सीने में भारीपन और बलगम के रूप में बैठ जाए, तब चुटकी भर काली मिर्च शहद के साथ लेना पारंपरिक सहारा है।
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नींद और तनाव
5 मिनटनींद के लिए चुटकी भर जायफल वाला गरम दूध
बेचैन शामों में एक कप गरम दूध में ज़रा-सा जायफल और इलायची — मन को शांत करने वाला सौम्य, पारंपरिक पेय।
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नींद और तनाव
10 मिनटपादाभ्यंग: सोने से पहले पैरों के तलवों की गुनगुने तेल से मालिश
गुनगुने तेल से पैरों के तलवों की मालिश एक छोटी-सी रात की आदत है, जिसे आयुर्वेद वात को शांत करने, थके पैरों को आराम देने और मन को नींद के लिए तैयार करने के लिए सुझाता है।
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नींद और तनाव
5 मिनटतनाव भरे दिनों में अश्वगंधा वाला दूध
अश्वगंधा आयुर्वेद की सबसे प्रसिद्ध जड़ी-बूटियों में से है, जिसे परंपरा से ताक़त और शांत मन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। शास्त्रीय रूप से इसे रात में गरम दूध के साथ लिया जाता है।
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