मुख्य सामग्री पर जाएँ
AllAyurvedics

त्रिफला: संभावित लाभ, पारंपरिक उपयोग और घर पर बनाने की विधि

त्रिफला आँवला, हरड़ और बहेड़े का पारंपरिक आयुर्वेदिक मिश्रण है। इसके उपयोग, शोध की सीमाएँ और घर पर चूर्ण मिलाने की विधि जानें। विधि में दी गई मात्रा पूरा मिश्रण बनाने के लिए है, रोज़ सेवन के लिए नहीं।

आँवला, सूखी हरड़ और बहेड़े के साथ मिट्टी के कटोरे में त्रिफला चूर्ण का चित्र; पास में लकड़ी का चम्मच और ओखली।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

त्रिफला क्या है और इसके संभावित लाभ क्या हैं?

त्रिफला का अर्थ तीन फल है। इसमें आमलकी (आँवला, Phyllanthus emblica), हरीतकी (हरड़, Terminalia chebula) और विभीतकी (बहेड़ा, Terminalia bellirica) शामिल हैं। एक सामान्य विधि में तीनों सूखे फलों के चूर्ण बराबर वजन में मिलते हैं। साबुत फल, उसका चूर्ण और सांद्र अर्क एक जैसे उत्पाद नहीं हैं।

मल त्याग की नियमितता: त्रिफला का पारंपरिक उपयोग कब्ज और पाचन की देखभाल में होता है। मनुष्यों पर शोध सीमित हैं। कुछ अध्ययनों में त्रिफला के साथ सनाय और इसबगोल भी थे; उनसे घर के बने त्रिफला अकेले का असर तय नहीं किया जा सकता। लगातार कब्ज में मात्रा बढ़ाते रहने के बजाय जाँच कराएँ।

मुँह की देखभाल: तैयार त्रिफला माउथवॉश के छोटे अध्ययनों में प्लाक और मसूड़ों की सेहत के संभावित लाभ मिले हैं। घर पर पानी में मिलाया चूर्ण उन उत्पादों के बराबर नहीं है। यह ब्रश, फ्लॉस या दंत चिकित्सक के इलाज की जगह नहीं लेता।

एंटीऑक्सीडेंट यौगिक: प्रयोगशाला शोध में ऐसे पौधों के यौगिक मिले हैं जो एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि दिखाते हैं। इससे यह साबित नहीं होता कि मिश्रण लेने से बीमारी रुकती है या कोई खास स्वास्थ्य लाभ मिलता है। डिटॉक्स, निश्चित वजन घटाने या मधुमेह और कैंसर ठीक करने के दावों के पर्याप्त चिकित्सकीय प्रमाण नहीं हैं।

घर की विधि चूर्ण मिलाना बताती है; इससे दूषित पदार्थों, शुद्धता या शेल्फ लाइफ़ की पुष्टि नहीं होती। चित्र सामग्री और चूर्ण का उदाहरण है, किसी जाँचे हुए बैच का प्रमाण नहीं। पहचान और बैच विवरण वाली सामग्री चुनें, मूल लेबल रखें और अपने लिए उपयुक्तता पर योग्य विशेषज्ञ से पूछें।

सामग्री

  • 20 ग्राम सही पहचान वाला सूखे आँवले का चूर्ण
  • 20 ग्राम सही पहचान वाला सूखी हरड़ का चूर्ण
  • 20 ग्राम सही पहचान वाला सूखे बहेड़े का चूर्ण
  • तौलने का तराजू, साफ़ सूखी कटोरी, चम्मच और एयरटाइट डिब्बा
  • यह 60 ग्राम मिश्रण बनाने की सामग्री है, रोज़ लेने की मात्रा नहीं।

बनाने की विधि

  1. भरोसेमंद विक्रेता से तीनों फलों के चूर्ण अलग लें। सामग्री की पहचान, बैच और समाप्ति तिथि देखें; बिना पहचान वाला खुला पाउडर न लें।
  2. हर चूर्ण जाँचें। नम, फफूँद लगे, कीड़े वाले या असामान्य गंध वाले चूर्ण का उपयोग न करें।
  3. कटोरी, चम्मच, तौलने का उपकरण और डिब्बा साफ़ तथा पूरी तरह सूखे रखें।
  4. प्रत्येक चूर्ण 20 ग्राम अलग तौलें। बराबर चम्मचों की जगह बराबर वजन लें, क्योंकि पाउडर का घनत्व अलग हो सकता है।
  5. सूखी गुठलियाँ खोलकर तीनों चूर्ण समान रूप से मिलाएँ। रखे जाने वाले मिश्रण में पानी न डालें।
  6. एयरटाइट डिब्बे में नमी और गर्मी से दूर रखें। सामग्री, मिलाने की तारीख और मूल बैच विवरण लिखें। घर पर मिलाने से नई समाप्ति तिथि तय नहीं होती।
  7. साबुत फल लें तो सही पहचान वाले, पूरी तरह सूखे और बीज निकाले फल इस्तेमाल करें। प्रत्येक को अलग पीसकर फिर तौलें और मिलाएँ; इसमें तैयार चूर्ण मिलाने की दस मिनट वाली विधि से अधिक समय लगेगा।

इस्तेमाल का तरीका

  • हर व्यक्ति और तैयारी के लिए एक ही सेवन मात्रा उपयुक्त नहीं है। चूर्ण, गोली और अर्क की सांद्रता अलग हो सकती है।
  • पैक वाले उत्पाद के निर्देश पढ़ें और पेशेवर सलाह लें। घर का मिश्रण लेने से पहले योग्य चिकित्सक से पूछें; बनाने की मात्रा से सेवन मात्रा का अंदाज न लगाएँ।
  • कब्ज बनी रहने पर मात्रा बढ़ाते न जाएँ और त्रिफला से निर्धारित इलाज न बदलें।

मददगार आदतें

  • मूल सामग्री के लेबल रखें ताकि डॉक्टर या फार्मासिस्ट मिश्रण की सामग्री देख सके।
  • सूखा चम्मच लें और उपयोग से पहले मिश्रण देखें। नम, फफूँद वाला या असामान्य गंध वाला मिश्रण फेंक दें।
  • जाँचा हुआ, लेबल वाला उत्पाद बिना पहचान वाले घरेलू मिश्रण से बेहतर बैच जानकारी देता है।

सावधानियाँ

  • त्रिफला से पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है और दवाओं के साथ परस्पर प्रभाव पड़ सकता है। नियमित दवा लेते हों तो डॉक्टर या फार्मासिस्ट से पूछें।
  • गर्भावस्था, स्तनपान और बच्चों में उपयोग से पहले पेशेवर सलाह लें; पर्याप्त सुरक्षा प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।
  • घर का त्रिफला मिश्रण आँखों में कभी न डालें। यह निर्जीवाणु आँख की दवा नहीं है।
  • कब्ज के साथ खून, तेज़ पेट दर्द, उल्टी या बिना कारण वजन घटने पर चिकित्सकीय जाँच कराएँ। लगातार या बार-बार लक्षणों की भी जाँच जरूरी है।
  • बराबर मात्रा में मिलाने से सामग्री की शुद्धता, दूषित पदार्थों से मुक्त होने या सबके लिए सुरक्षित होने की पुष्टि नहीं होती।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

त्रिफला में कौन से तीन फल होते हैं?

आँवला, हरड़ और बहेड़ा। एक सामान्य विधि में इनके सूखे फल के चूर्ण बराबर वजन में मिलाए जाते हैं।

घर पर छोटा मिश्रण कैसे बनाएँ?

सही पहचान वाले प्रत्येक सूखे फल का 20 ग्राम चूर्ण साफ़ सूखे बर्तनों में मिलाएँ। इससे 60 ग्राम मिश्रण बनता है; यह रोज़ की सेवन मात्रा नहीं बताता।

क्या त्रिफला कब्ज में मदद करता है?

इसका पारंपरिक उपयोग मल त्याग की नियमितता में है, लेकिन मनुष्यों पर प्रमाण सीमित हैं। दूसरी कब्ज की दवाओं वाले मिश्रण के अध्ययन घर के त्रिफला अकेले का असर साबित नहीं करते।

क्या त्रिफला रोज़ ले सकते हैं?

रोज़ उपयोग अपने आप उपयुक्त न मानें। मात्रा और अवधि आपकी सेहत, दवाओं और तैयारी पर निर्भर हैं। पेशेवर सलाह लें।

क्या त्रिफला बीमारी ठीक करता है या वजन घटाने की गारंटी देता है?

इन दावों के पर्याप्त चिकित्सकीय प्रमाण नहीं हैं। इसे जाँच, निर्धारित दवा या संतुलित भोजन की जगह न लें।

चिकित्सकीय अस्वीकरण

सभी देखें: पेट की समस्याओं के घरेलू उपाय