पेय
तुलसी अदरक चाय
तुलसी और अदरक का हल्का काढ़ा, चाहें तो छोटा टुकड़ा गुड़।
15 मिनट
4 में से 0 चरण पूरे
2 सर्विंग
तीखापन: हल्का
अनुमानित पोषण
मूल सर्विंग का मोटा अंदाज़ा, प्रयोगशाला की जाँच नहीं।
- ऊर्जा15 प्रति सर्विंग
- प्रोटीन0g प्रति सर्विंग
- कार्बोहाइड्रेट3g प्रति सर्विंग
- फ़ाइबर0g प्रति सर्विंग
सामग्री
विधि
जुड़े नुस्खे
मौसमी सर्दी-ज़ुकाम में तुलसी–अदरक का काढ़ानाक बहनी शुरू होते ही अनगिनत भारतीय घरों में बनने वाला गरम काढ़ा। तुलसी, अदरक, काली मिर्च और दालचीनी इसे ख़ुशबूदार और राहत भरा बनाते हैं।
तुलसी: रोज़ की पत्तियाँ, तुलसी की चाय और शांत मनलगभग हर भारतीय घर के आँगन में तुलसी का पौधा होता है। धार्मिक महत्व के अलावा तुलसी एक सौम्य एडैप्टोजेन है, जिसे पारंपरिक रूप से सर्दी, खाँसी, तनाव और पाचन के लिए प्रयोग किया जाता है। कुछ ताज़ी पत्तियाँ या एक कप तुलसी की चाय इसका आनंद लेने का सबसे आसान तरीका है।
गिलोय (गुडूची): कैसे लें, आसान काढ़ा और किसे परहेज़ करना चाहिएगिलोय — दिल के आकार की पत्तियों वाली बेल, जिसे आयुर्वेद में गुडूची या अमृता कहते हैं — महामारी के दौरान घर-घर का नाम बन गई। पारंपरिक रूप से इसे बार-बार आने वाले बुखार, कमज़ोर प्रतिरोधक क्षमता और पाचन के लिए प्रयोग किया जाता है। यहाँ जानिए हल्के काढ़े के रूप में इसे समझदारी से कैसे लें, और यह हर किसी के लिए क्यों नहीं है।
