बच्चों की सेहत10 मिनट
बच्चे के गैस वाले पेट के लिए गर्म अजवाइन की पोटली
सूखी भुनी अजवाइन की छोटी कपड़े की पोटली, गुनगुनी करके बच्चे के पेट के आसपास धीरे से दबाना, गैस और पेट दर्द के लिए दादी-नानी का उपाय।

आयुर्वेद में अजवाइन
अजवाइन के दाने तीखे, गर्म और खुशबूदार होते हैं। भारतीय घरों में इन्हें भूनकर, चबाकर, पानी में उबालकर या गर्म कपड़े की पोटली बनाकर गैस, भारीपन और छाती की जकड़न में इस्तेमाल किया जाता है।
गर्म अजवाइन पोटली की सूखी सिकाई गैस से परेशान बच्चे को आराम देने का आम भारतीय तरीका है। इसमें कुछ निगलना नहीं होता, इसलिए छोटे बच्चों के लिए सौम्य है, पर तापमान बहुत ध्यान से जाँचना चाहिए क्योंकि बच्चों की त्वचा आसानी से जलती है।
सामग्री
- 2 बड़े चम्मच अजवाइन
- साफ़ सूती रूमाल
बनाने की विधि
- अजवाइन तवे पर एक मिनट सूखी भूनकर कपड़े में बाँधें।
- कलाई के अंदर जाँचें कि यह सिर्फ़ आरामदायक गुनगुनी हो।
इस्तेमाल का तरीका
- नाभि के आसपास गोल-गोल कुछ मिनट धीरे से दबाएँ।
- साथ में डकार दिलाएँ और पेट की हल्की मालिश करें।
मददगार आदतें
- थोड़ी अजवाइन सूखी भूनकर हफ़्ते भर के लिए काँच के डिब्बे में रखें।
सावधानियाँ
- गर्म पोटली कभी न लगाएँ; हर बार जाँचें। उल्टी, फूला सख़्त पेट, बुख़ार, मल में ख़ून या बच्चा दूध न पिए तो डॉक्टर को दिखाएँ।
- यह गर्म है; एसिडिटी या मुँह के छाले होते हों तो कम मात्रा लें।
- शिशुओं और पाँच साल से छोटे बच्चों के लिए पहले बच्चों के डॉक्टर से पूछें।
- यह पारंपरिक इस्तेमाल है; वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। डॉक्टर की दी हुई दवा बंद न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या नवजात पर इस्तेमाल कर सकते हैं?
- पहले बच्चों के डॉक्टर से पूछें; नवजात की त्वचा बहुत नाज़ुक होती है।
कितनी बार इस्तेमाल करें?
- जब बच्चा बेचैन हो, दिन में एक-दो बार।
क्या अजवाइन रोज़ ले सकते हैं?
- खाने के साथ चुटकी भर सामान्य है; दवा जैसी मात्रा कुछ दिनों के लिए ही।



