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हर महीने स्तन स्व-जाँच की याद

हर महीने माहवारी के कुछ दिन बाद एक तारीख़ तय करें, स्तनों को देखें और छूकर परखें, कोई बदलाव हो तो डॉक्टर को दिखाने के लिए लिख लें। जागरूकता की आदत; गाँठ या बदलाव में डॉक्टर।

फोटो में एक तारीख़ पर गोला लगा कैलेंडर कार्ड है, साथ में छोटा गोल आईना, पेन के साथ नोटबुक और गुलाबी रिबन है।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

जानें आपके लिए क्या सामान्य है

स्तन जागरूकता का मतलब है यह जानना कि आपके स्तन सामान्यतः कैसे दिखते और लगते हैं ताकि बदलाव जल्दी दिखे। अक्टूबर स्तन कैंसर जागरूकता माह है, शुरू करने का अच्छा समय। हर महीने तय तारीख़ से यह आदत आसान बनती है।

आईने में देखें, फिर उँगलियों की गद्दियों से स्तनों और बगल को हल्के से छुएँ। कोई बदलाव लिख लें और डॉक्टर को दिखाएँ। यह जागरूकता की आदत है, निदान या जाँच नहीं।

सामग्री

  • तारीख़ पर गोला लगा कैलेंडर
  • आईना
  • नोटबुक

बनाने की विधि

  1. माहवारी खत्म होने के कुछ दिन बाद की तारीख़ चुनें।
  2. फ़ोन में रिमाइंडर लगाएँ।

इस्तेमाल का तरीका

  • महीने में एक बार देखें और हल्के से छुएँ।
  • कुछ नया दिखे तो लिख लें।

मददगार आदतें

  • गर्म स्नान में या लेटकर करें।
  • कुछ मिले तो घबराएँ नहीं; डॉक्टर को दिखाएँ।

सावधानियाँ

  • कोई गाँठ, निप्पल से स्राव, त्वचा में बदलाव या दर्द हो तो जल्दी डॉक्टर को दिखाएँ।
  • स्व-जाँच डॉक्टर की सुझाई स्क्रीनिंग की जगह नहीं लेती।
  • जागरूकता की आदत है, जाँच नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या स्व-जाँच काफ़ी है?

नहीं, डॉक्टर की स्क्रीनिंग की सलाह भी मानें।

रजोनिवृत्ति के बाद कब?

हर महीने की तय तारीख़ चुनें।

क्या ज़्यादातर गाँठें कैंसर होती हैं?

कई नहीं होतीं, पर जाँच ज़रूर कराएँ।
सभी देखें: महिलाओं की सेहत के घरेलू उपाय