बच्चों की सेहत25 मिनट
बच्चों के टिफ़िन के लिए सहजन पत्ती का पराठा
बारीक कटी सहजन पत्तियों, थोड़े पनीर और हल्के मसालों वाले नरम पराठे, बच्चे के लंच बॉक्स में आयरन और कैल्शियम जोड़ने का आसान तरीका।

भारतीय घरों में मोरिंगा
मोरिंगा (सहजन) के पत्तों में आयरन, कैल्शियम और विटामिन A भरपूर होता है। भारतीय घरों में इन्हें दाल, सांभर और थेपले में पकाया जाता है, और अब सूखे पत्तों का पाउडर भी खूब बिकता है।
कई बच्चे हरी पत्तियाँ नहीं खाते, पर बारीक कटा सहजन नरम पराठे में छिप जाता है। सहजन की पत्तियाँ आयरन, कैल्शियम और विटामिन A से भरपूर हैं, जो भारतीय बच्चों के खाने में अक्सर कम होते हैं।
सामग्री
- 1 कप गेहूँ का आटा
- ¼ कप सहजन पत्तियाँ, बारीक कटी
- 2 बड़े चम्मच कद्दूकस पनीर
- चुटकी भर नमक, अजवाइन और जीरा पाउडर
- सेंकने के लिए घी
बनाने की विधि
- आटे में पत्तियाँ, पनीर और मसाले मिलाकर नरम गूँध लें।
- बेलकर तवे पर थोड़े घी से सेंकें।
इस्तेमाल का तरीका
- दही या हल्की चटनी के साथ पैक करें।
- पहले कम पत्तियाँ डालें और बच्चे को स्वाद की आदत होने पर बढ़ाएँ।
मददगार आदतें
- चटक हरा पाउडर जिसमें सूखे पत्तों जैसी खुशबू हो, ताज़ा है।
सावधानियाँ
- पत्तियाँ अच्छी तरह धोएँ। बिना सलाह बच्चों को सहजन सप्लीमेंट या पाउडर न दें।
- मोरिंगा की जड़ और छाल न लें; खाने में सिर्फ़ पत्ते और फलियाँ ली जाती हैं।
- थायरॉइड या शुगर की दवा लेते हों तो डॉक्टर से पूछें।
- शिशुओं और पाँच साल से छोटे बच्चों के लिए पहले बच्चों के डॉक्टर से पूछें।
- खुजली, दाने, पेट खराब या कोई और परेशानी हो तो तुरंत बंद करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बच्चे को स्वाद पसंद नहीं; कोई सुझाव?
- मेथी या पालक मिलाएँ, या पनीर ज़्यादा डालें।
किस उम्र से?
- जब बच्चा सामान्य रोटी खाने लगे, आमतौर पर एक साल के बाद।
दिन में कितना मोरिंगा पाउडर?
- खाने में आधा से एक छोटा चम्मच काफ़ी है।






