बच्चों की सेहत20 मिनट
बच्चों की घमौरियों के लिए नीम पत्ती का स्नान
गर्म, उमस भरे दिनों में मुट्ठी भर नीम के पत्ते उबालकर, ठंडा करके बच्चे के नहाने के पानी में, घमौरियों और पसीने वाली त्वचा का पारंपरिक उपाय।

घर पर नीम का समझदारी से इस्तेमाल
नीम वह कड़वा पेड़ है जिसकी पत्तियाँ, दातून और तेल भारतीय घरों में त्वचा, स्कैल्प और दाँतों के लिए इस्तेमाल होते हैं। इसका इस्तेमाल ज़्यादातर बाहर से होता है; खाने में नीम कम और कभी-कभार ही लिया जाता है।
घमौरियाँ तब होती हैं जब पसीने की नलियाँ बंद हो जाती हैं। बच्चे को ठंडा और ढीले सूती कपड़ों में रखना मुख्य इलाज है। गुनगुना नीम पत्ती स्नान एक पारंपरिक, ताज़गी भरा जोड़ है।
सामग्री
- मुट्ठी भर ताज़े नीम के पत्ते
- 2 लीटर पानी
- नहाने का पानी
बनाने की विधि
- नीम के पत्ते 10 मिनट उबालें; पूरी तरह ठंडा करके छान लें।
- गुनगुने नहाने के पानी में मिलाएँ।
इस्तेमाल का तरीका
- गर्मी के दिनों में बच्चे को रोज़ एक बार नहलाएँ।
- थपथपाकर सुखाएँ और ढीले सूती कपड़े पहनाएँ।
मददगार आदतें
- ताज़ी हरी पत्तियाँ लें; सूखी पीली पत्तियों में खुशबू कम रह जाती है।
सावधानियाँ
- नीम का तेल या नीम का पानी कभी पीने को न दें। आँखों से दूर रखें। मवाद वाले छाले, बुख़ार या फैलते दानों पर डॉक्टर को दिखाएँ।
- नीम का तेल कभी न निगलें और बच्चों को कभी न दें।
- गर्भावस्था में या गर्भधारण की कोशिश के दौरान नीम न खाएँ।
- शिशुओं और पाँच साल से छोटे बच्चों के लिए पहले बच्चों के डॉक्टर से पूछें।
- यह घरेलू उपाय है, इलाज नहीं। लक्षण कुछ दिनों से ज़्यादा रहें या बढ़ें तो डॉक्टर को दिखाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या शिशुओं के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं?
- बच्चों के डॉक्टर से पूछें; शिशुओं के लिए सादा गुनगुना स्नान आमतौर पर काफ़ी है।
क्या टैल्कम पाउडर लगाएँ?
- मोटा पाउडर न लगाएँ, इससे पसीने की नलियाँ और बंद हो सकती हैं।
क्या नीम रोज़ इस्तेमाल कर सकते हैं?
- त्वचा और स्कैल्प पर हफ़्ते में कुछ बार ठीक है; रोज़ खाने की सलाह नहीं दी जाती।





