बच्चों की सेहत15 मिनट
बच्चों के नाश्ते के लिए चिकनी रागी की दलिया
रागी की दलिया कई घरों का साधारण नाश्ता है, आटे, दूध और थोड़े गुड़ से। बच्चे के लिए चम्मच में एकदम चिकनी और गरम नहीं, बस हल्की गर्म दलिया आनी चाहिए।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
नाश्ते में चिकनी रागी की कटोरी
रागी का आटा पहले ठंडे तरल में घोलें, फिर धीमी आँच पर चलाते रहें, तभी दलिया नरम बनती है। इसे रोज़ के खाने की तरह देखें, किसी दवा की तरह नहीं।
यह पन्ना बच्चे के नाश्ते की रसोई की बात है। यह चिकित्सकीय सलाह नहीं है। पहली बार का अनाज, मात्रा और एलर्जी का सवाल डॉक्टर से पूछें।
सामग्री
- 2 बड़े चम्मच रागी का आटा
- 1 कप दूध, और घोलने के लिए थोड़ा और
- 1 छोटा चम्मच गुड़, या उससे कम
- भारी तली का पैन और फेंटनी
बनाने की विधि
- रागी को थोड़े ठंडे दूध में तब तक घोलें जब तक सूखा आटा न दिखे।
- बाकी दूध डालकर धीमी आँच पर चलाते हुए पकाएँ। उबाल से उतारकर गुड़ घोलें।
इस्तेमाल का तरीका
- दोबारा फेंटें ताकि रागी की दलिया एकदम चिकनी हो और डले न रहें।
- कलाई पर जाँचकर हल्की गर्म होने पर छोटी कटोरी परोसें।
- बच्चा खाए तब पास बैठें, और कटोरी में बची दलिया फेंक दें।
मददगार आदतें
- जो बड़ा बच्चा केला खा चुका है, उसके लिए पकी केले की मैश मिलाई जा सकती है।
- ताज़ा बनाएँ। रखी हुई गाढ़ी दलिया फिर से चिकनी करना मुश्किल होता है।
सावधानियाँ
- यह चिकित्सकीय सलाह नहीं है। छोटे बच्चे को देने से पहले रागी की दलिया एकदम चिकनी होनी चाहिए।
- यह चिकित्सकीय सलाह नहीं है। गर्मी जाँच लें ताकि जलन न हो, और डॉक्टर ने मीठा मना किया हो तो गुड़ न डालें।
- यह चिकित्सकीय सलाह नहीं है। एलर्जी, खाने में दिक्कत या बीमारी हो तो नया अनाज देने से पहले डॉक्टर से पूछें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या छोटे बच्चे रागी की दलिया खा सकते हैं?
- जब बच्चा नरम ठोस खाना खा रहा हो, कई घर बहुत चिकनी कटोरी देते हैं। उम्र या बनावट को लेकर शक हो तो डॉक्टर से पूछें। यह चिकित्सकीय सलाह नहीं है।
दलिया चिकनी क्यों होनी चाहिए?
- सूखा आटा और डले निगलने में कठिन होते हैं। रागी की दलिया एकदम चिकनी हो, दाने न छूटे।
क्या शहद मिलाएँ?
- एक साल से छोटे बच्चे को शहद न दें। इस नाश्ते में बच्चे को भाए तभी थोड़ा गुड़ आता है।


