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एक भोजन में जौ की रोटी

जौ का आटा और चुटकी भर जीरा एक भोजन की एक रोटी बनते हैं, केवल सफेद चावल की जगह। यह सहारा देने वाली आदत है। यह रक्त शर्करा का उपचार नहीं।

रसोई में लकड़ी के बोर्ड पर जौ का आटा, जीरा और एक पकी रोटी, गर्म रोशनी, कोई व्यक्ति या लिखावट नहीं।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

एक भोजन की जौ की रोटी के बारे में

एक या दो रोटी जितना ही जौ का आटा गूँथें। स्वाद के लिए जीरा आटे में जाए। गरम तवे पर दोनों ओर पकाएँ और अपनी बनी सब्जी या दाल के साथ खाएँ।

यह अदला-बदली एक भोजन की है, चावल का डिब्बा खाली करने का नियम नहीं। जौ भी थाली में अनाज ही है। यह मधुमेह की दवा की जगह नहीं लेता और खुराक बदलने का कारण नहीं है।

सामग्री

  • एक मुट्ठी जौ का आटा
  • एक चुटकी जीरा
  • एक रोटी गूँथने के लिए गुनगुना पानी

बनाने की विधि

  1. जौ के आटे में जीरा और गुनगुना पानी मिलाकर कड़ा गोला गूँथें और दस मिनट रखें।
  2. एक रोटी बेलकर गरम तवे पर दोनों ओर पकाएँ।

इस्तेमाल का तरीका

  • एक भोजन में केवल सफेद चावल की जगह यह रोटी खाएँ।
  • सब्जी या दाल के साथ लें, अतिरिक्त रोटियों की ढेरी के साथ नहीं।
  • बाकी दिन अपने पहले से तय भोजन पर लौटें।

मददगार आदतें

  • गोला फटे तो उँगलियाँ भिगोकर कुछ बूँद पानी और गूँथें।
  • रोटी उसी दिन बनाएँ। जौ का गोला खुला पड़े तो सूख जाता है।

सावधानियाँ

  • जौ में ग्लूटेन होता है। ग्लूटेन छोड़ने को कहा गया हो तो इसे न लें। यह मधुमेह की दवा की जगह नहीं लेता, और दवा की खुराक नहीं बदलनी है।
  • रोटी बहुत भारी लगे तो दी गई भोजन योजना पर लौटें। यह मधुमेह की दवा की जगह नहीं लेता, और दवा की खुराक नहीं बदलनी है।
  • भोजन सरल लगा इसलिए गोली न छोड़ें। यह मधुमेह की दवा की जगह नहीं लेता, और दवा की खुराक नहीं बदलनी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या जौ की रोटी मधुमेह की दवा की जगह ले सकती है?

नहीं। यह मधुमेह की दवा की जगह नहीं लेता, और दवा की खुराक नहीं बदलनी है।

क्या हर भोजन केवल जौ का हो?

नहीं। आदत एक भोजन की है, बाकी हर अनाज हटाने का नियम नहीं।

क्या यह रक्त शर्करा का उपचार है?

नहीं। यह सहारा देने वाली भोजन की अदला-बदली है। रक्त शर्करा का उपचार नहीं।