एक भोजन में एक ज्वार की रोटी
एक भोजन के साथ एक ज्वार की रोटी, कई रोटी जमा करने के बजाय। यह थाली का अनाज है। यह मधुमेह की दवा की जगह नहीं लेती और खुराक नहीं बदलती।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
एक रोटी, शुगर का खेल नहीं
ज्वार के आटे से एक रोटी बनाकर एक भोजन में दाल और सब्ज़ी के साथ खाई जा सकती है। इस पन्ने की बात गिनती है: एक रोटी, एक भोजन, ढेर नहीं, और पूरा दिन केवल ज्वार नहीं। यह मधुमेह का इलाज नहीं। इससे गोलियाँ, इंसुलिन या जाँच नहीं रुकती।
भोजन के बाद काँपना, पसीना या घबराहट कम शुगर हो सकती है। जैसा डॉक्टर ने सिखाया है वैसा खाएँ और मदद लें। कम शुगर का जवाब अगली दवा छोड़ना नहीं। ज्वार गेहूँ नहीं, पर कोई अनाज न भाए तो छोड़ दें। यह रोटी डॉक्टर की योजना के अन्दर खाना है, अपनी अलग योजना नहीं।
सामग्री
- ज्वार का आटा
- गरम पानी
- नमक की चुटकी, अगर आपकी योजना अनुमति दे
बनाने की विधि
- आटे में गरम पानी मिलाकर नरम आटा गूँथें। कुछ मिनट रखें।
- एक रोटी थापकर गरम तवे पर दोनों ओर पकाएँ, और वहीं रुकें।
इस्तेमाल का तरीका
- वह एक रोटी एक भोजन में दाल और सब्ज़ी के साथ खाएँ।
- आटा अलग है इसलिए तीन रोटी न जमाएँ।
- मधुमेह की दवा और जाँच लिखे अनुसार रखें।
मददगार आदतें
- रोटी फटे तो आटे में एक चम्मच गरम पानी चाहिए, और रोटियाँ नहीं।
- मीठे पेय के साथ नहीं, सब्ज़ी के साथ खाएँ।
सावधानियाँ
- मधुमेह की दवा की जगह नहीं लेती और खुराक नहीं बदलती।
- एक भोजन में एक रोटी। पूरा दिन केवल ज्वार नहीं।
- भोजन के आसपास काँपना, पसीना या भ्रम हो तो डॉक्टर की कम-शुगर वाली योजना चाहिए, नया प्रयोग नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ज्वार खाऊँ तो क्या मधुमेह की गोलियाँ रोक दूँ?
- नहीं। एक ज्वार की रोटी खाना है। इसकी वजह से गोलियाँ, इंसुलिन या जाँच न रोकें और न बदलें।
क्या ज्वार की कई रोटियाँ एक से बेहतर हैं?
- नहीं। यह पन्ना एक भोजन में एक रोटी है। ज़्यादा रोटियाँ ज़्यादा अनाज हैं, ज़्यादा असरदार नुस्खा नहीं।
भोजन के बाद काँपूँ तो?
- उसे कम शुगर मानकर देखें। जो कदम डॉक्टर पहले बता चुके हैं वे करें, और मदद लें। अगली खुराक अपने आप न छोड़ें।




