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शांत दिवाली के लिए मिट्टी के दीये और कम पटाखे

तेज़ पटाखों की जगह तेल और गेंदे के फूलों वाले कुछ मिट्टी के दीये जलाएँ, ताकि हवा साफ़, पालतू शांत और नींद आसान रहे। त्योहार की आदत।

फोटो में पाँच जलते गोल मिट्टी के दीये हैं, पास में नारंगी गेंदे के फूल और छोटी पीतल की थाली में हरे आम के पत्ते हैं।

बिना धुएँ की रोशनी

दीये दिवाली का दिल हैं और पटाखों के धुएँ, शोर और वायु प्रदूषण के बिना गर्म रोशनी देते हैं। कम पटाखों का मतलब शांत पालतू और बच्चे, और बुज़ुर्गों के लिए आसान नींद भी है।

मिट्टी के दीये पहले पानी में भिगोएँ ताकि वे सारा तेल न सोख लें, सूती बाती लगाएँ और सुरक्षित जगह रखें। यह त्योहार की आदत है, सेहत का इलाज नहीं।

सामग्री

  • 5–10 मिट्टी के दीये
  • तेल या घी
  • सूती बातियाँ
  • गेंदे के फूल

बनाने की विधि

  1. दीये एक घंटा पानी में भिगोकर सुखाएँ।
  2. बातियाँ बनाएँ और तेल भरें।

इस्तेमाल का तरीका

  • जलाकर सुरक्षित सतहों पर रखें।
  • परदों और बच्चों से दूर रखें।

मददगार आदतें

  • गेंदे और आम के पत्तों से सजाएँ।
  • हर साल दीये दोबारा इस्तेमाल करें।

सावधानियाँ

  • लौ को परदों, कपड़ों और बच्चों से दूर रखें।
  • दीये कभी अकेले न छोड़ें।
  • त्योहार की आदत है, इलाज नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या दीये बिना धुएँ के होते हैं?

पटाखों से बहुत कम धुआँ देते हैं।

क्या घी ले सकते हैं?

हाँ, साफ़ जलता है।

मोमबत्ती का क्या?

ठीक है, सुरक्षित होल्डर में।