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नारियल और गुड़हल तेल: फूल गुनगुने तेल में, छानकर, हफ्ते में एक बार
गुड़हल के फूल नारियल तेल में हल्की आँच पर गुनगुने होकर, फिर छनकर, हफ्ते में एक बार का स्कैल्प तेल बनते हैं। यह रोज़ का भारी लेप नहीं, और तेल छूने में गुनगुना हो, गर्म नहीं।

गुड़हल वाला नारियल तेल हफ्ते में एक बार क्यों छाना जाता है
ताज़ा गुड़हल के फूल धीमी आँच पर नारियल तेल में रंग और हल्की फूलों की महक छोड़ते हैं। छानने से पंखुड़ियाँ अलग हो जाती हैं, ताकि तेल की मालिश हो, गूदे की नहीं। लय हफ्ते में एक बार है। रोज़ नारियल तेल कई स्कैल्प पर बालों को भारी कर देता है।
यह हफ्ते की मालिश का रसोई तेल है, नए बाल उगने का दावा नहीं। आँखों में न जाने दें। कटे, रिसते, या पहले से जलते स्कैल्प पर न लगाएँ। तेल धुआँ छोड़ने तक गरम हुआ हो तो फेंक दें। गर्म तेल जलना है, मालिश नहीं।
सामग्री
- चार या पाँच ताज़ा गुड़हल के फूल
- चार बड़े चम्मच नारियल तेल
- गुनगुने गुड़हल और नारियल तेल के लिए छन्नी
बनाने की विधि
- गुड़हल के फूल नारियल तेल में धीमी आँच पर तब तक गुनगुनाएँ जब तक तेल हल्का रंग ले।
- थोड़ा ठंडा करें, फूल छान दें, और तेल हफ्ते के इस्तेमाल के लिए रखें।
इस्तेमाल का तरीका
- हफ्ते में एक बार थोड़ी मात्रा स्कैल्प में मालिश करें।
- उसी दिन नहाते समय रहने दें, फिर धो लें।
- कड़ाही का गर्म तेल सीधे सिर पर न डालें।
मददगार आदतें
- सिर्फ़ धीमी आँच। तेल धुआँ दे तो उसे रखना ही नहीं।
- रखे डिब्बे की महक ताज़ा हो। बासी या तीखी महक हो तो नया बनाएँ।
सावधानियाँ
- गुड़हल के फूल नारियल तेल में धीमी आँच पर गुनगुनाएँ, फिर छान लें।
- तेल हफ्ते में एक बार स्कैल्प पर लगाएँ, रोज़ का भारी लेप नहीं।
- तेल गर्म न हो। आँखों में न जाने दें, कटी या रिसती त्वचा छोड़ें, और स्कैल्प जले तो रोक दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या यह तेल हर रात लगा सकते हैं?
- नहीं। यह हफ्ते में एक बार का स्कैल्प तेल है। हर रात इस उपाय से भारी है।
क्या फूल भी तेल के साथ बालों में छोड़ दूँ?
- नहीं। उन्हें छान दें। मालिश तेल की है, पंखुड़ियों की नहीं।
क्या चूल्हे पर रहते तेल उड़ेल सकते हैं?
- नहीं। छानकर गुनगुना होने दें। गर्म तेल जला सकता है।


