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छोटे आईने से रोज़ पैरों की जाँच

हर शाम दोनों पैरों में कट, छाले या लालिमा देखें और हल्का मॉइस्चराइज़र लगाएँ। मधुमेह वालों के लिए देखभाल की आदत; न भरने वाले घाव पर डॉक्टर को दिखाएँ।

फोटो में छोटा गोल आईना, मॉइस्चराइज़र का जार, तह किए सफ़ेद सूती मोज़े, तौलिया और नरम चप्पलें रखी हैं।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

दो मिनट जो पैर बचाते हैं

ज़्यादा ब्लड शुगर से पैरों में संवेदना घट सकती है, इसलिए छोटा कट या छाला पता नहीं चलता। तलवों के लिए छोटे हाथ के आईने से रोज़ दो मिनट देखने पर समस्या जल्दी पकड़ में आ जाती है।

तलवे, एड़ियाँ और उँगलियों के बीच देखें, पैर धोकर सुखाएँ और उँगलियों के बीच को छोड़कर हल्का मॉइस्चराइज़र लगाएँ। साफ़ सूती मोज़े और ठीक नाप के जूते पहनें। यह देखभाल की आदत है, इलाज नहीं।

सामग्री

  • छोटा हाथ का आईना
  • हल्का बिना खुशबू वाला मॉइस्चराइज़र
  • साफ़ सूती मोज़े

बनाने की विधि

  1. पैर गुनगुने पानी से धोएँ।
  2. उँगलियों के बीच सुखाएँ।

इस्तेमाल का तरीका

  • हर शाम तलवे, एड़ियाँ और उँगलियाँ देखें।
  • मॉइस्चराइज़ करें, पर उँगलियों के बीच नहीं।

मददगार आदतें

  • जूता पहनने से पहले कंकड़ देख लें।
  • नंगे पैर कभी न चलें।

सावधानियाँ

  • कोई घाव, छाला, लालिमा या सूजन हो तो जल्दी डॉक्टर को दिखाएँ।
  • गाँठ या घट्टे खुद न काटें।
  • देखभाल की आदत है, इलाज नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

आईना क्यों?

तलवे देखने के लिए।

क्या सिर्फ़ मधुमेह के लिए है?

सुन्न पैरों वाले किसी के लिए उपयोगी।

कितनी बार?

रोज़।