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पांच धीमे सूर्य नमस्कार

सुबह पांच धीमे सूर्य नमस्कार, केवल जब जोड़ साथ दें। सांस फूल रही हो या दर्द हो तो अभ्यास छोड़ दें। यह चिकित्सा की जगह नहीं लेता।

साफ फर्श पर मुड़ा सूती मैट, पास में पानी का गिलास और छोटा तौलिया, धीमे सुबह के अभ्यास के लिए।

सुबह पांच धीमे चक्र, केवल जब शरीर साथ दे

सुबह के पांच धीमे सूर्य नमस्कार हलचल की एक छोटी आदत हैं, कोई ऐसा व्यायाम नहीं जिसे दर्द सहकर पूरा करना हो। चक्र आसान रहें, सांस सामान्य रहे, और फर्श का थोड़ा साफ हिस्सा हो। पांच पर सत्र खत्म है। इससे वजन कम नहीं होता, और यह ब्लड प्रेशर, दिल या जोड़ों की बीमारी का इलाज नहीं है।

सांस फूल रही हो या दर्द हो तो चक्र छोड़ दें। बीच में दर्द, चक्कर या सीना कसे तो तुरंत रुकें। डॉक्टर ने आगे झुकने, उल्टे आसन या मेहनत से मना किया हो तो वही मानें। यह अभ्यास चिकित्सा की जगह नहीं लेता।

सामग्री

  • फर्श का एक साफ कोना
  • बाद के लिए पीने के पानी का एक गिलास
  • ऐसे आरामदेह कपड़े जिनमें हिल सकें

बनाने की विधि

  1. थोड़ा फर्श खाली करें, पास में पानी का गिलास रखें, और आरामदेह कपड़ों में खड़े हों।
  2. केवल पांच धीमे चक्र सोचें, और पहले से तय करें कि सांस या दर्द आए तो रुक जाएंगे।

इस्तेमाल का तरीका

  • सुबह, भारी खाने से पहले, पांच धीमे सूर्य नमस्कार करें।
  • सांस सामान्य रखें। चक्रों की दौड़ न लगाएं।
  • सांस फूल रही हो या दर्द हो तो अभ्यास छोड़ दें, और बीच में शुरू हो तो तुरंत रुकें।

मददगार आदतें

  • धीमा चक्र गिना जाता है। तेज और अधूरा चक्र पांच को उपयोगी नहीं बनाता।
  • संतुलन डगमगाए तो दीवार पास रखें और कदम छोटे करें।

सावधानियाँ

  • सांस फूल रही हो या दर्द हो तो चक्र छोड़ दें।
  • यह चिकित्सा की जगह नहीं लेता, और दिल, ब्लड प्रेशर या जोड़ों का इलाज नहीं है।
  • चक्कर या सीने में जकड़न हो तो रुकें। डॉक्टर ने ये हरकतें मना की हों तो उनका कहना मानें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सांस फूले या दर्द हो तो क्या करें?

रुकें। सांस फूल रही हो या दर्द हो तो चक्र छोड़ दें।

क्या पांच चक्र काफी हैं?

हां। पांच धीमे चक्र पूरा अभ्यास हैं। यहां और करने को नहीं कहा गया।

क्या सूर्य नमस्कार ब्लड प्रेशर या वजन का इलाज है?

नहीं। यह छोटी हलचल की आदत है और चिकित्सा की जगह नहीं लेती।