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नरम अमरूद की टहनी चबाना

अमरूद की एक नरम टहनी को एक सिरे से धीरे चबाया जाता है, जैसे दतून, और फिर मुंह पानी से धोया जाता है। यह सख्त डंडी नहीं और दांतों का इलाज नहीं।

लकड़ी के बोर्ड पर कुछ पत्तों वाली हरी नरम अमरूद की टहनी, पास में कुल्ले का पानी और छोटा खाली कटोरा।

दतून की तरह नरम अमरूद की टहनी

जो अमरूद की टहनी मुड़ जाए और सख्त होकर न टूटे, उसे कुछ घरों में दतून की तरह लिया जाता है। एक सिरा धीरे चबाकर रेशे नरम किए जाते हैं, फिर दांतों पर हल्के से फेरा जाता है। बाद में सादे पानी से कुल्ला कर लिया जाता है। यह ताजगी की आदत है, ब्रश या दंत चिकित्सक की जगह नहीं।

सूखी सख्त डंडी न चुनें। जोर से चबाने पर मसूड़े छिल सकते हैं। मसूड़ों से पहले से खून आ रहा हो, दर्द हो, या हिल रहे हों तो टहनी न रगड़ें। और मजबूत डाली खोजने के बजाय दंत चिकित्सक को दिखाएं।

सामग्री

  • कुछ पत्तों वाली एक नरम अमरूद की टहनी
  • मुंह धोने के लिए साफ पानी
  • कुल्ले के लिए एक छोटा कटोरा

बनाने की विधि

  1. नरम अमरूद की टहनी धो लें। वह मुड़नी चाहिए, सूखी और लकड़ी जैसी सख्त नहीं।
  2. एक सिरा धीरे चबाएं जब तक रेशे नरम ब्रश की तरह खुल जाएं।

इस्तेमाल का तरीका

  • नरम सिरे से दांतों पर हल्का फेरा लगाएं। जोर से न रगड़ें।
  • साफ पानी से कुल्ला करें और थूक दें।
  • हर बार ताजी टहनी लें। चबाई हुई टहनी बाद के लिए न रखें।

मददगार आदतें

  • नई हरी टहनी सही रहती है। सख्त लगे तो छोड़ दें।
  • दिन में ब्रश अपनी जगह रहता है। यह उसकी जगह नहीं लेता।

सावधानियाँ

  • धीरे चबाएं। सख्त टहनी मसूड़ों को छील या खरोंच सकती है।
  • यह खून वाले मसूड़े, दर्द या सड़न का इलाज नहीं है।
  • छोटे बच्चे को न दें जो टुकड़ा काटकर निगल सकता है। दर्द या खून हो तो दंत चिकित्सक को दिखाएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सूखी सख्त अमरूद की डंडी चल जाएगी?

नहीं। केवल नरम टहनी, धीरे चबाकर। सख्त डंडी मसूड़ों को चोट पहुंचा सकती है।

क्या बाद में कुल्ला करना है?

हां। साफ पानी से कुल्ला करके थूक दें। रेशे न निगलें।

क्या यह दंत चिकित्सक की जगह है?

नहीं। यह ताजगी की छोटी आदत है। खून, दर्द या हिलता दांत हो तो दंत चिकित्सक को दिखाएं।
सभी देखें: दाँतों और मसूड़ों के घरेलू उपाय