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हिचकी रोकने के आसान घरेलू तरीके

ज़्यादातर हिचकियाँ कुछ मिनट में अपने-आप रुक जाती हैं, पर एक चम्मच चीनी या शहद, पानी के धीमे घूँट या साँस रोकने का तरीका इन्हें जल्दी शांत कर सकता है।

चित्र में शहद, ताज़ा अदरक की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

आयुर्वेद की दृष्टि से

हिचकी डायाफ्राम (साँस की मांसपेशी) की अचानक ऐंठन है। आयुर्वेद इसे हिक्का कहता है और ऊपर उठते बिगड़े वात से जोड़ता है — जो बहुत जल्दी खाने, बहुत तीखे या बहुत ठंडे खाने, कोल्ड ड्रिंक, उत्तेजना या अचानक तापमान बदलने से होता है। पारंपरिक उपाय इस ऊपर की हलचल को शांत करते हैं: कुछ मीठा जिसे धीरे निगला जाए, नियंत्रित साँस, या ध्यान बँटाने वाला कोई हल्का तरीका जो लय को फिर से ठीक कर दे।

सामग्री

  • 1 छोटा चम्मच चीनी, या ½ छोटा चम्मच शहद
  • 1 गिलास सामान्य तापमान का पानी
  • चाहें तो शहद में चुटकी भर सोंठ

बनाने की विधि

  1. चीनी या शहद चम्मच में रखें; सोंठ डालनी हो तो मिला लें।

इस्तेमाल का तरीका

  • चीनी या शहद कुछ सेकंड जीभ पर रखें, फिर धीरे से निगलें।
  • या बिना साँस लिए पानी के 10 छोटे-छोटे धीमे घूँट पिएँ।
  • या पूरी साँस अंदर लें, लगभग 10 सेकंड रोकें, फिर धीरे छोड़ें; तीन-चार बार दोहराएँ।

मददगार आदतें

  • धीरे खाएँ, हवा न निगलें और कोल्ड ड्रिंक व बहुत तीखे खाने से बचें।
  • भारी खाने के तुरंत बाद न लेटें।

सावधानियाँ

  • एक साल से छोटे बच्चे को शहद न दें।
  • डायबिटीज़ हो तो पानी या साँस वाला तरीका अपनाएँ।
  • बच्चे को कभी डराकर हिचकी रोकने की कोशिश न करें, और आँखों पर दबाव न डालें।
  • 48 घंटे से ज़्यादा चलने वाली, नींद या खाने में बाधा डालने वाली, या सीने में दर्द या साँस फूलने के साथ आने वाली हिचकी में डॉक्टर को दिखाएँ।