आँख आना (कंजंक्टिवाइटिस/आई फ़्लू) के घरेलू उपाय: सफ़ाई, सिकाई और फैलाव रोकना
कंजंक्टिवाइटिस, जिसे आई फ़्लू या 'आँख आना' कहते हैं, आँखों को लाल, पानी वाली, किरकिरी और चिपचिपी बना देता है, और घरों व स्कूलों में तेज़ी से फैलता है, ख़ासकर बरसात में। आँख आने के ये घरेलू उपाय आँखों को साफ़ और आरामदायक रखने और डॉक्टर की सलाह लेने तक इसे फैलने से रोकने पर केंद्रित हैं।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
आँख आने के प्रकार
वायरल कंजंक्टिवाइटिस सबसे आम है और आम तौर पर एक-दो हफ़्ते में ठीक हो जाता है। बैक्टीरियल में गाढ़ा पीला या हरा कीचड़ आता है और एंटीबायोटिक ड्रॉप्स की ज़रूरत पड़ सकती है। एलर्जिक में खुजली होती है और यह छूत से नहीं फैलता। कौन-सा है, यह डॉक्टर ही बता सकते हैं।
भारत में पारंपरिक घरेलू देखभाल आँखों की सफ़ाई और आराम पर टिकी है। आँखों में माँ का दूध, शहद या जड़ी-बूटियों का रस डालने जैसी लोक प्रथाओं से बचें।
सामग्री
- उबालकर गुनगुना या ठंडा किया पानी
- भरपूर साफ़ रुई के फाहे
- मरीज़ के लिए अलग साफ़ तौलिया और तकिये का कवर
बनाने की विधि
- एक बर्तन पानी उबालें, ढककर ठंडा होने दें; उसी दिन इस्तेमाल करें।
- इस्तेमाल किए फाहों के लिए पास में छोटा डस्टबिन या थैली रखें।
इस्तेमाल का तरीका
- दिन में 3–4 बार उबले पानी में डुबोए फाहे से कीचड़ अंदरूनी कोने से बाहर की ओर पोंछें, हर बार और हर आँख के लिए नया फाहा लें।
- आराम के लिए 5–10 मिनट बंद आँखों पर ठंडे, गीले फाहे रखें।
- आँख छूने के बाद साबुन से हाथ धोएँ, और ठीक होने तक मरीज़ का तौलिया व तकिया अलग रखें।
मददगार आदतें
- छूत वाले आई फ़्लू के शुरुआती कुछ दिन स्कूल या दफ़्तर न जाएँ।
- रोशनी चुभे तो बाहर काला चश्मा पहनें।
- संक्रमण के दौरान इस्तेमाल हुआ आई मेकअप फेंक दें।
सावधानियाँ
- आँख में दर्द, धुंधलापन, रोशनी से तेज़ चुभन, शिशु की लाल चिपचिपी आँखें, कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले, या 3–4 दिन में सुधार न हो तो डॉक्टर को दिखाएँ।
- बची हुई स्टेरॉइड या एंटीबायोटिक ड्रॉप्स डॉक्टर की सलाह के बिना न डालें; कुछ ड्रॉप्स आँख को नुकसान पहुँचा सकती हैं।
- आँख में माँ का दूध, शहद, प्याज़ का रस, गुलाब जल या कोई घरेलू तरल कभी न डालें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आई फ़्लू कितने दिन रहता है?
- वायरल कंजंक्टिवाइटिस आम तौर पर एक-दो हफ़्ते में सुधरता है। बैक्टीरियल संक्रमण डॉक्टर की सही ड्रॉप्स से अक्सर जल्दी ठीक होता है।
क्या आँख आए व्यक्ति को देखने से यह फैलता है?
- नहीं। यह आँसू या कीचड़ के संपर्क से फैलता है, आम तौर पर हाथों, तौलिये, तकिये या साझा चीज़ों से।
आँख आने में गुनगुनी सिकाई बेहतर है या ठंडी?
- वायरल और एलर्जिक में ठंडी सिकाई आम तौर पर ज़्यादा आराम देती है। हमेशा नया, साफ़ कपड़ा या फाहा इस्तेमाल करें।






