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त्वचा15 मिनट

तैलीय त्वचा के लिए संतरे के छिलके और मुलतानी मिट्टी का पैक

सर्दियों में संतरे के छिलके फेंकिए मत — धूप में सुखाकर पीसे छिलके मुलतानी मिट्टी और गुलाब जल के साथ तैलीय, चमकती त्वचा के लिए ख़ुशबूदार, हल्का साफ़ करने वाला फेस पैक बनाते हैं।

चित्र में संतरा, गुलाब जल, गुलाब की पंखुड़ियाँ की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

आयुर्वेद की दृष्टि से

आयुर्वेद में तैलीय त्वचा को कफ (भारी, चिकना, मुलायम) से जोड़ा जाता है, अक्सर पित्त के साथ। मक़सद है अतिरिक्त तेल सोखना, पर त्वचा को रूखा न करना — क्योंकि बार-बार धोने से त्वचा और ज़्यादा तेल बनाने लगती है। मुलतानी मिट्टी तेल खींचती है, और धूप में सुखाए संतरे के छिलके का पाउडर अच्छी ख़ुशबू और हल्की चमक देता है।

सामग्री

  • 1 छोटा चम्मच संतरे के छिलके का पाउडर (3–4 दिन धूप में सुखाकर पीसे छिलके)
  • 1 छोटा चम्मच मुलतानी मिट्टी
  • मिलाने के लिए गुलाब जल; कुछ बूँद शहद (वैकल्पिक)

बनाने की विधि

  1. दोनों पाउडर गुलाब जल में मिलाकर चिकना लेप बनाएँ। पैक के बाद त्वचा खिंचती हो तो शहद मिलाएँ।

इस्तेमाल का तरीका

  • साफ़ त्वचा पर माथे, नाक और ठुड्डी पर ख़ास ध्यान देते हुए लगाएँ; आँखों से दूर रखें।
  • 10–12 मिनट बाद, पूरी तरह सूखने से पहले धो लें। हफ़्ते में दो बार लगाएँ।
  • बाद में हल्का, ऑयल-फ़्री मॉइस्चराइज़र या थोड़ा एलोवेरा जेल लगाएँ।

मददगार आदतें

  • दिन में दो बार हल्के क्लींज़र से चेहरा धोएँ — इससे ज़्यादा नहीं।
  • दिन में बार-बार धोने के बजाय टिश्यू पेपर से चिकनाई सोख लें।
  • तला और बहुत मीठा खाना कम करें, और पर्याप्त पानी पिएँ।

सावधानियाँ

  • खट्टे फलों के छिलके संवेदनशील त्वचा में जलन कर सकते हैं — पैच टेस्ट करें और ज़ोर से न रगड़ें; सूजे मुँहासों या कटी त्वचा पर न लगाएँ।
  • छिलके का पैक लगाने के तुरंत बाद तेज़ धूप में न जाएँ।
  • अचानक बहुत तैलीय त्वचा, मुँहासे और अनियमित माहवारी साथ हों तो हार्मोन से जुड़ी वजह हो सकती है — डॉक्टर से मिलें।