जड़ी-बूटियाँ और आहार3 मिनट
भोजन के बाद सौंफ़ के साथ सादा पान का पत्ता
भोजन के बाद ताज़ा पान का पत्ता कुछ सौंफ़ और एक लौंग के साथ चबाएँ। केवल सादा: तंबाकू, चूना और सुपारी नहीं।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
पुराना माउथ फ्रेशनर, सादा रखा
भोजन के बाद पान पुरानी भारतीय परंपरा है। पत्ते का स्वाद ताज़ा और थोड़ा तीखा होता है। सिर्फ़ पत्ते, सौंफ़ और लौंग वाला पान हल्का फ्रेशनर है। बाज़ार के पान में अक्सर तंबाकू, सुपारी और चूना होता है, जो मुँह को नुकसान पहुँचाते हैं।
पत्ता धोएँ, डंठल हटाएँ, सौंफ़ और लौंग डालें, मोड़ें और एक मिनट धीरे चबाएँ। यह मुँह ताज़ा करने की आदत है, पाचन का इलाज नहीं।
सामग्री
- 1 ताज़ा पान का पत्ता
- आधा छोटा चम्मच सौंफ़
- 1 लौंग
बनाने की विधि
- पत्ता धोकर थपथपाकर सुखाएँ।
- अंदर सौंफ़ और लौंग रखकर मोड़ें।
इस्तेमाल का तरीका
- भोजन के बाद धीरे चबाएँ।
- रेशा थूक दें।
मददगार आदतें
- कोमल हरे पत्ते चुनें।
- मीठी भरावन छोड़ दें।
सावधानियाँ
- तंबाकू, सुपारी या बुझा चूना कभी न डालें।
- मुँह में घाव या मसूड़ों की बीमारी हो तो न लें।
- फ्रेशनर है, इलाज नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या पान सुरक्षित है?
- सिर्फ़ सादा पत्ते वाला, कभी-कभार।
क्या गर्भवती चबा सकती हैं?
- बेहतर है न चबाएँ।
क्या यह पाचन में मदद करता है?
- यह परंपरा है, सिद्ध नहीं।





