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पटाखों के पास सुरक्षा चश्मा और दूरी

पटाखों से अच्छी दूरी रखें, साफ़ सुरक्षा चश्मा पहनें और जलते पटाखे पर कभी न झुकें। सुरक्षा की आदत; आँख की चोट में बिना रगड़े तुरंत नेत्र अस्पताल जाएँ।

फोटो में साफ़ सुरक्षा चश्मा है, पास में पानी से भरी लाल बाल्टी और धूप वाली पत्थर की मुंडेर पर बिना जली फुलझड़ियों का डिब्बा है।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

पहले आँखों की रक्षा

हर दिवाली अस्पतालों में पटाखों से आँखों की चोट के मामले आते हैं, जिनमें कई बच्चे और दर्शक होते हैं। दूरी, सुरक्षा चश्मा और निगरानी इनमें से ज़्यादातर रोक देते हैं।

पटाखे खुली जगह में जलाएँ, बच्चों को वयस्क के हाथ की पहुँच में रखें, पानी की बाल्टी तैयार रखें और जलते पटाखे पर कभी न झुकें। यह सुरक्षा की आदत है; आँख की किसी भी चोट में तुरंत इलाज चाहिए।

सामग्री

  • साफ़ सुरक्षा चश्मा
  • पानी की बाल्टी
  • लंबी अगरबत्ती या लाइटर
  • निगरानी करने वाला वयस्क

बनाने की विधि

  1. इमारतों से दूर खुली जगह चुनें।
  2. पानी की बाल्टी तैयार रखें।

इस्तेमाल का तरीका

  • चश्मा पहनें और जलाने के बाद दूर हट जाएँ।
  • न चले पटाखे को दोबारा न जलाएँ; पानी में डुबो दें।

मददगार आदतें

  • आसपास खड़े लोगों को सुरक्षित दूरी पर रखें।
  • लपटों के पास ढीले कपड़े न पहनें।

सावधानियाँ

  • आँख की किसी भी चोट में रगड़ें नहीं, रसायन से न धोएँ; हल्के से ढककर तुरंत नेत्र अस्पताल जाएँ।
  • बच्चों की निगरानी ज़रूरी है।
  • सुरक्षा की आदत है, इलाज नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या धूप का चश्मा काफ़ी है?

असली साफ़ सुरक्षा चश्मा बेहतर है।

चिंगारी आँख में लगे तो?

रगड़ें नहीं; तुरंत नेत्र अस्पताल जाएँ।

क्या फुलझड़ी बच्चों के लिए सुरक्षित है?

ये बहुत गर्म जलती हैं; कड़ी निगरानी रखें या छोड़ दें।
सभी देखें: आँखों के घरेलू उपाय