बच्चों की सेहत30 मिनट
सर्दियों में बच्चों के लिए घर की तिल-गुड़ चिक्की
घर पर बनी कुरकुरी तिल-गुड़ चिक्की, मकर संक्रांति की पारंपरिक मिठाई जो सर्दियों में बच्चों को कैल्शियम, आयरन और ऊर्जा देती है।

आयुर्वेद में तिल
आयुर्वेद में तिल के बीज और तेल गर्म और पोषण देने वाले माने जाते हैं। तिल का तेल अभ्यंग (तेल मालिश) का पारंपरिक आधार है, और बीजों से कैल्शियम, आयरन और अच्छी चिकनाई मिलती है।
भारतीय घरों में तिल और गुड़ सर्दियों की पुरानी जोड़ी है। तिल कैल्शियम और अच्छी चिकनाई देता है, और गुड़ आयरन और गर्माहट जोड़ता है। छोटा टुकड़ा पैकेट वाली मिठाई से कहीं बेहतर नाश्ता है।
सामग्री
- 1 कप सफ़ेद तिल
- ¾ कप कद्दूकस गुड़
- 1 छोटा चम्मच घी
- चुटकी भर इलायची पाउडर
बनाने की विधि
- तिल हल्का सुनहरा होने तक सूखा भूनें।
- घी के साथ गुड़ पिघलाएँ जब तक ठंडे पानी में डालने पर सख़्त गोली बने; तिल और इलायची मिलाएँ।
- चिकनी थाली में फैलाएँ, गर्म रहते छोटे टुकड़े काटें।
इस्तेमाल का तरीका
- सर्दियों में खाने के बाद रोज़ एक छोटा टुकड़ा दें।
- बाद में कुल्ला या ब्रश कराएँ।
मददगार आदतें
- मालिश के लिए भुने तिल का नहीं, कच्ची घानी का तिल का तेल लें।
सावधानियाँ
- तिल से एलर्जी हो सकती है; ध्यान से शुरू करें। छोटे बच्चों को गले में अटकने से बचाने के लिए सिर्फ़ छोटे टुकड़े दें।
- तिल से एलर्जी आम है; प्रतिक्रिया हो तो न लें।
- शिशुओं और पाँच साल से छोटे बच्चों के लिए पहले बच्चों के डॉक्टर से पूछें।
- अगर आप नियमित दवा लेते हैं या कोई पुरानी बीमारी है, तो पहले डॉक्टर से पूछें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या छोटे बच्चे चिक्की खा सकते हैं?
- पाँच साल से छोटे बच्चों के गले में सख़्त चिक्की अटक सकती है; उनके लिए नरम तिल के लड्डू बनाएँ।
यह कितने दिन चलती है?
- एयरटाइट डिब्बे में दो-तीन हफ़्ते।
सफ़ेद तिल या काले तिल?
- दोनों पौष्टिक हैं; बालों और सर्दियों के लिए परंपरा में काले तिल पसंद किए जाते हैं।





