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शाम को शंखपुष्पी की चाय

सूखी शंखपुष्पी की छोटी चम्मच शांत मन के लिए शाम की चाय के रूप में। प्रमाण सीमित हैं; गर्भावस्था या शामक दवाओं के साथ नहीं।

फोटो में तश्तरी पर हल्की पीली चाय का काँच का कप, पास में छोटे नीले फूलों वाली सूखी जड़ी की कटोरी।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

परंपरागत शांत करने वाली जड़ी, सीमित प्रमाण के साथ

शंखपुष्पी एक छोटी जड़ी है जो आयुर्वेद में शांत मन और स्मृति के लिए इस्तेमाल होती है और चाय के लिए सूखी बिकती है। इंसानों में अध्ययन कम और छोटे हैं, इसलिए इसे नींद या चिंता का इलाज नहीं कहा जा सकता। गरम, कैफ़ीन रहित शाम के पेय के रूप में यह सुखद रस्म है।

एक कप में सूखी जड़ी की एक समतल छोटी चम्मच लें, एक बार में कुछ ही दिन। गर्भावस्था और स्तनपान में न लें, और शामक, नींद की गोलियाँ, थायरॉइड या डायबिटीज़ की दवा लेते हों तो डॉक्टर से पूछें। दिन में उनींदापन या पेट खराब हो तो रोक दें।

सामग्री

  • 1 समतल छोटी चम्मच सूखी शंखपुष्पी
  • 1 कप गरम पानी
  • थोड़ा शहद (वैकल्पिक, शिशुओं के लिए नहीं)

बनाने की विधि

  1. कप में जड़ी पर गरम पानी डालें।
  2. ढककर पाँच मिनट रखें, फिर छान लें।

इस्तेमाल का तरीका

  • शाम को गुनगुना पिएँ, एक बार में कुछ दिन।
  • पूछे बिना शामक के साथ न लें।

मददगार आदतें

  • बैच लेबल वाले भरोसेमंद स्रोत से लें।
  • एक-दो हफ़्ते बाद ब्रेक लें।

सावधानियाँ

  • गर्भावस्था और स्तनपान में न लें।
  • शामक, नींद की गोलियाँ, थायरॉइड या डायबिटीज़ की दवा में डॉक्टर से पूछें।
  • अनिद्रा या चिंता का इलाज नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या शंखपुष्पी चिंता ठीक करती है?

नहीं। प्रमाण सीमित हैं और यह इलाज नहीं।

क्या रोज़ ले सकते हैं?

एक बार में कुछ दिन लें और ब्रेक लें।

क्या यह ब्राह्मी जैसी है?

नहीं। ये अलग जड़ी हैं, हालाँकि दोनों शांत मन के लिए इस्तेमाल होती हैं।
सभी देखें: अच्छी नींद के घरेलू उपाय