बाजरा और गोंद का लड्डू, सर्दी में दिन में एक
भुना बाजरे का आटा और तला गोंद गुड़ और घी में बाँधकर, ठंड के महीनों में एक छोटा लड्डू। मीठा और भारी, इसलिए एक ही सीमा है।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
सर्दी का लड्डू, एक ही रखें
बाजरा-गोंद का लड्डू राजस्थान और गुजरात की पारंपरिक सर्दी की मिठाई है, जो भुने बाजरे के आटे, तले खाद्य गोंद, गुड़ और घी से बनती है। यह गर्माहट देने वाली और पेट भरने वाली है और आमतौर पर ठंड के महीनों में खाई जाती है। यह भारी खाना और परंपरा है, रोग प्रतिरोधक क्षमता की दवा नहीं।
एक छोटा लड्डू एक मात्रा है, बेहतर होगा सुबह। गर्म मौसम में न खाएँ। ब्लड शुगर, वज़न, कोलेस्ट्रॉल का ध्यान हो या भारी खाना पचाने में परेशानी हो तो डॉक्टर से पूछें या छोड़ दें। लड्डू ताज़ा बनाएँ और हवाबंद डिब्बे में दो हफ़्ते तक रखें।
सामग्री
- 1 कप बाजरे का आटा और 2 बड़ी चम्मच खाद्य गोंद
- 4 बड़ी चम्मच घी
- आधा कप कद्दूकस गुड़ और चुटकी इलायची
बनाने की विधि
- गोंद को गरम घी में फूलने तक तलें, ठंडा करके कूट लें।
- बाजरे के आटे को घी में भूनें, आँच से उतारकर गोंद, इलायची और गुड़ मिलाएँ और छोटे लड्डू बाँधें।
इस्तेमाल का तरीका
- ठंड के महीनों में सुबह एक छोटा लड्डू खाएँ।
- दिन में एक से ज़्यादा न खाएँ।
मददगार आदतें
- गुड़ मिलाने से पहले आटा थोड़ा ठंडा करें ताकि गुड़ पिघले बिना बँध जाए।
- हवाबंद डिब्बे में रखें।
सावधानियाँ
- भारी और मीठा है, इसलिए दिन में एक ही, और ब्लड शुगर, वज़न या कोलेस्ट्रॉल की चिंता हो तो डॉक्टर की सहमति के बिना न लें।
- गर्म मौसम में भारी है।
- सर्दी की मिठाई है, इम्यूनिटी का इलाज नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या लड्डू इम्यूनिटी बढ़ाता है?
- यह गरम, पेट भरने वाला सर्दी का भोजन है, दवा नहीं।
क्या बिना गोंद के बना सकते हैं?
- हाँ, पर बनावट बदल जाती है।
क्या बच्चे खा सकते हैं?
- बड़े बच्चों को छोटा टुकड़ा, ट्रीट के रूप में।




