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कश्मीरी कहवा, सर्दी का एक छोटा कप

हरी चाय में कुछ केसर के रेशे, इलायची, दालचीनी और कुचले बादाम, सर्दी के गरम कप के रूप में। सुखद और गर्माहट देने वाला, सर्दी-ज़ुकाम का इलाज नहीं।

फोटो में बादाम की कतरन, केसर और दालचीनी वाली कहवा-शैली की गरम चाय का सफ़ेद कप, पास में इलायची।

घाटी से गर्माहट वाला कप

कहवा कश्मीर की पारंपरिक हरी चाय है जो केसर, इलायची और दालचीनी के साथ उबाली जाती है और कुचले बादाम के साथ परोसी जाती है। यह खुशबूदार, हल्की गर्माहट देने वाला सर्दी का पेय है और दूध वाली चाय से अच्छा बदलाव है। यह आनंद है, सर्दी या रोग प्रतिरोधक क्षमता का इलाज नहीं, और मसाले थोड़ी मात्रा में हैं।

दिन में एक-दो कप ही लें, क्योंकि इसमें कैफ़ीन है। चीनी छोड़ें या कम रखें। केसर के केवल कुछ रेशे डालें। कैफ़ीन से संवेदनशील हों, गर्भवती हों (केसर और दालचीनी की मात्रा डॉक्टर से पूछें) या मेवे से एलर्जी हो तो न लें।

सामग्री

  • 1 कप पानी और 1 छोटी चम्मच हरी चाय पत्ती
  • छोटी दालचीनी की डंडी, 2 हरी इलायची और 3 केसर के रेशे
  • 2 कुचले बादाम और चाहें तो थोड़ा शहद

बनाने की विधि

  1. पानी को दालचीनी और इलायची के साथ तीन मिनट उबालें।
  2. चाय पत्ती और केसर डालकर दो मिनट रखें और बादाम पर छान दें।

इस्तेमाल का तरीका

  • दोपहर या शाम को एक कप धीरे-धीरे पिएँ।
  • दिन में एक-दो कप ही लें।

मददगार आदतें

  • चाय पत्ती को उबालें नहीं, कड़वी हो जाती है।
  • शहद चाय थोड़ी ठंडी होने पर ही डालें।

सावधानियाँ

  • इसमें कैफ़ीन है, इसलिए संवेदनशील हों तो देर रात न लें।
  • गर्भावस्था में मसालों के बारे में डॉक्टर से पूछें और मेवे की एलर्जी में न लें।
  • सर्दी या रोग प्रतिरोधक क्षमता का इलाज नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या कहवा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है?

यह गरम, सुखद पेय है। कोई चाय रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए सिद्ध नहीं।

क्या बिना केसर के बना सकते हैं?

हाँ। दालचीनी और इलायची से भी अच्छा कप बनता है।

क्या बच्चे पी सकते हैं?

नियमित पेय के रूप में नहीं, क्योंकि इसमें कैफ़ीन है।
सभी देखें: रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के घरेलू उपाय