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अकड़े, दर्द वाले घुटनों के लिए अरंडी तेल की गरम पट्टी

सीढ़ियों पर और बैठने के बाद दर्द करते, अकड़े, चटकते घुटने 40 के बाद आम हैं। अरंडी तेल की गरम पट्टी — तेल में भीगा कपड़ा घुटने पर लपेटकर हल्की सिकाई — आराम देने वाला पारंपरिक उपाय है, जो व्यायाम और वज़न नियंत्रण के साथ किया जाता है।

चित्र में रूई, तह किया कपड़ा की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

आयुर्वेद की दृष्टि से

आयुर्वेद एरंड (अरंडी) को वात वाले दर्द और अकड़न के लिए सबसे अच्छे तेलों में मानता है, और अरंडी तेल की पट्टी कई संस्कृतियों का लोक-उपाय है। घिसा हुआ घुटने का कार्टिलेज (ऑस्टियोआर्थराइटिस) कोई तेल वापस नहीं बना सकता, पर गर्माहट और मालिश अकड़न कम कर सकती है ताकि आप वे मज़बूती वाले व्यायाम कर सकें जो सच में घुटनों की मदद करते हैं।

सामग्री

  • 2 बड़े चम्मच अरंडी का तेल
  • घुटना ढकने लायक मोड़ा हुआ नरम सूती कपड़ा
  • क्लिंग फ़िल्म या पुरानी प्लास्टिक शीट, और गरम पानी की थैली

बनाने की विधि

  1. अरंडी तेल हल्का गरम करें और कपड़ा उसमें इतना भिगोएँ कि नम हो पर टपके नहीं।
  2. थैली में गरम पानी भर लें।

इस्तेमाल का तरीका

  • तेल वाला कपड़ा घुटने पर लपेटें, ऊपर क्लिंग फ़िल्म ढकें और गरम थैली रखें (ज़्यादा गरम हो तो बीच में तौलिया रखें)।
  • पैर को सहारा देकर 20–30 मिनट आराम करें।
  • बचा तेल पोंछ दें। हफ़्ते में 3–4 शाम करें।
  • बाक़ी दिनों में जाँघ की मांसपेशियाँ मज़बूत करें: सीधा पैर उठाना और कुर्सी से उठना-बैठना, 10 बार, दिन में दो बार।

मददगार आदतें

  • घटाया गया हर किलो वज़न घुटनों का बोझ कम करता है।
  • लंबी सीढ़ियाँ चढ़ने और उकड़ूँ बैठने की जगह समतल ज़मीन पर चलना, साइकिल चलाना या तैरना चुनें।
  • गद्देदार जूते-चप्पल पहनें।

सावधानियाँ

  • यहाँ अरंडी तेल सिर्फ़ बाहरी इस्तेमाल के लिए है। डॉक्टर की सलाह के बिना इसे पिएँ नहीं।
  • लाल, गरम या सूजे घुटने पर सिकाई न करें — यह सूजन, गाउट या संक्रमण हो सकता है और डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
  • डायबिटीज़ या कम संवेदना वाले लोग गर्मी सावधानी से जाँचें।
  • घुटना अटक जाए, अचानक मुड़ जाए, अचानक सूज जाए, या दर्द से नींद टूटे तो डॉक्टर को दिखाएँ।