रोग प्रतिरोधक क्षमता10 मिनट
संतरे और आंवले का कटोरा
संतरे या मौसमी के फाँक पर थोड़ा कद्दूकस किया आंवला एक छोटा कटोरा है। यह जूस का गिलास नहीं और रोग-प्रतिरोध का वादा भी नहीं।

संतरा और आंवला, जूस नहीं
संतरे या मौसमी के फाँक पर थोड़ा ताज़ा आंवला कद्दूकस करने से खट्टा-मीठा कटोरा बनता है। फल खाने पर रेशा रहता है, जो जूसर निकाल फेंकता है। ऊँचा गिलास जूस दूसरी आदत है, यह वाली नहीं।
एक छोटा कटोरा काफी है। खट्टा फल जग भर बन जाए तो दाँत और संवेदनशील पेट बिगड़ सकते हैं। इसे सामान्य खाने के साथ फल मानें, सफाई का कार्यक्रम नहीं।
सामग्री
- 1 छोटा संतरा या मौसंबी
- 1 छोटा ताज़ा आंवला, कद्दूकस किया हुआ
- एक छोटा कटोरा, जूसर नहीं
बनाने की विधि
- संतरा या मौसंबी छीलकर फाँक कटोरे में निकालें।
- ऊपर थोड़ा ताज़ा आंवला कद्दूकस करें और बिना जूस बनाए खाएँ।
इस्तेमाल का तरीका
- खाने के साथ या बाद में एक छोटा कटोरा खाएँ।
- फल को बड़े गिलास जूस में न बदलें।
- खट्टा स्वाद दाँतों पर टिके तो बाद में सादे पानी से कुल्ला कर लें।
मददगार आदतें
- संतरा न हो तो मौसंबी उसी तरह चलती है।
- आंवले की हल्की कद्दूकस काफी है। पूरा आंवला ऊपर से बहुत तीखा हो सकता है।
सावधानियाँ
- यह फल है, जूस नहीं, और कोई सफाई कार्यक्रम नहीं।
- खट्टा फल पेट या दाँतों को दुख दे तो कम करें या छोड़ दें।
- यह बीमारी की देखभाल की जगह नहीं लेता और रोग-प्रतिरोध का वादा नहीं करता।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या संतरा और आंवला जूस बना लें?
- नहीं। यह फल का छोटा कटोरा है, जूस का गिलास नहीं।
संतरा न हो तो मौसंबी चल जाएगी?
- हाँ। मौसंबी के फाँक पर थोड़ा कद्दूकस आंवला वही बात है।
कटोरे पर आंवला कितना डालें?
- हल्की कद्दूकस। छोटे कटोरे पर पूरा आंवला बहुत तीखा लग सकता है।




