रोग प्रतिरोधक क्षमता10 मिनट
गुड़ वाली अदरक की चाय
सुबह अदरक की छोटी चाय में थोड़ा गुड़ मिलाकर गुनगुनी शुरुआत होती है। गुड़ कम रहता है। यह मीठा पेय नहीं और रोग-प्रतिरोध का वादा भी नहीं।

सुबह थोड़े गुड़ वाली अदरक की चाय
अदरक की चाय ज़्यादातर रसोई में पहले से बनती है। अंत में गुड़ का छोटा टुकड़ा तीखापन हल्का करता है, कप को चाशनी नहीं बनाता। सुबह का एक कप नाश्ते के साथ अच्छा रहता है, नाश्ते की जगह नहीं।
जो लोग चीनी और गुड़ दोनों कम करते हैं, वे टुकड़ा बहुत छोटा रखें या छोड़ दें। बड़ा गुड़ कप को मजबूत नहीं बनाता। मसाला और मिठास नींद, खाने या डॉक्टर की जगह नहीं लेते।
सामग्री
- ताज़ी अदरक की 3 या 4 फाँकें
- गुड़ का छोटा टुकड़ा
- 1 कप पीने का पानी
बनाने की विधि
- अदरक की फाँकें पानी में कुछ मिनट उबालें।
- छानकर थोड़ा गुड़ मिलाएँ ताकि चाय हल्की मीठी रहे।
इस्तेमाल का तरीका
- सुबह एक छोटा कप धीरे पिएँ।
- नाश्ते के साथ लें, पूरे नाश्ते की जगह नहीं।
- गुड़ छोटा टुकड़ा रखें। मिठाई कम कर रहे हों तो छोड़ दें।
मददगार आदतें
- गुड़ छानने के बाद डालें ताकि पता रहे कितना कम काफी है।
- अदरक तेज़ लगे तो ऊपर से थोड़ा गर्म पानी मिला लें।
सावधानियाँ
- गुड़ भी मीठा है। खून की शर्करा देख रहे हों तो मात्रा छोटी रखें।
- पेट में जलन हो तो अदरक कम करें या छोड़ दें।
- यह चाय रोग-प्रतिरोध का वादा नहीं करती और न भोजन या इलाज की जगह लेती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अदरक की चाय में गुड़ कितना डालें?
- थोड़ा, ताकि हल्की मिठास आए। बड़ा टुकड़ा बेहतर नहीं।
क्या सुबह कई कप पी सकते हैं?
- आदत एक छोटे कप की है। बार-बार कप में और अदरक और गुड़ ही जुड़ता है।
क्या यह चाय नाश्ते की जगह है?
- नहीं। खाने के साथ पिएँ। यह न भोजन है और न कोई चिकित्सा योजना।






