रोग प्रतिरोधक क्षमता12 मिनट
बारिश में अदरक तुलसी काढ़ा
अदरक, तुलसी के पत्ते और एक लौंग पाँच मिनट उबालकर बारिश का छोटा कप बनता है। यह नम मौसम की गुनगुनी चुस्की है, बीमारी से बचने का वादा नहीं।

मानसून में अदरक और तुलसी का काढ़ा
बारिश की नमी में कई घर अदरक और तुलसी के पत्ते कुछ मिनट उबालते हैं। खुशबू के लिए एक लौंग काफी है। पाँच मिनट का उबाल कप को हल्का रखता है। देर तक गाढ़ा काढ़ा पीना कठिन होता है और ज्यादा फायदेमंद नहीं।
एक छोटा गुनगुना कप लें। यह काढ़ा यह वादा नहीं करता कि सर्दी नहीं होगी। बुखार हो या खांसी टिके तो आराम और डॉक्टर दोनों की जगह यह नहीं लेता।
सामग्री
- ताज़ी अदरक का छोटा टुकड़ा
- 6 से 8 ताज़े तुलसी के पत्ते
- 1 लौंग
- 2 कप पीने का पानी
बनाने की विधि
- अदरक हल्का कूटकर तुलसी के पत्तों और एक लौंग के साथ पानी में डालें।
- पाँच मिनट उबालें, छानें, और गुनगुना पी लें।
इस्तेमाल का तरीका
- बारिश के मौसम में एक छोटा कप पिएँ।
- दिन भर पतीला भरकर दोबारा न उबालते रहें।
- गर्भावस्था हो या मसाला बहुत गर्म लगे तो छोड़ दें या पहले डॉक्टर से पूछें।
मददगार आदतें
- उबाल पाँच मिनट का है। आगे पकाने से कप और तीखा होता है।
- लौंग का चूर्ण चम्मच भर डालने से एक साबुत लौंग की खुशबू बेहतर है।
सावधानियाँ
- हल्का रखें। ज्यादा अदरक पेट में गर्मी ला सकती है।
- बुखार, साँस की तकलीफ, या कुछ दिनों से ज्यादा खांसी हो तो डॉक्टर को दिखाएँ।
- यह कप केवल नम मौसम का आराम है, संक्रमण से बचने की ढाल नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
यह बारिश वाला काढ़ा कितनी देर उबालें?
- पाँच मिनट। ज्यादा उबाल बेहतर नहीं।
कप में लौंग कितनी डालें?
- एक छोटे कप के लिए एक लौंग काफी है।
क्या यह काढ़ा बारिश की सर्दी रोक देता है?
- नहीं। यह गुनगुनी चुस्की है। बुखार या टिकी खांसी पर डॉक्टर चाहिए।






