आँखों की देखभाल10 मिनट
बंद आँखों पर रुई में रखा ठंडा दूध
धूल भरे थके दिन के बाद ठंडे दूध में भीगी रुई बंद आँखों पर कुछ मिनट रह सकती है। रुई पलक पर रहती है। दूध आँख के अंदर नहीं जाता।

ठंडा दूध केवल पलक की त्वचा पर
ठंडा दूध रसोई का ठंडा किया दूध है, जिसे रुई पर लिया जाता है ताकि बंद पलक की त्वचा को ठंडक मिले। यह आँख की बूँद नहीं और आँख धोने का पानी नहीं।
आँख के अंदर कुछ नहीं जाता। घर का आईवॉश नहीं, और घी, गुलाब जल, दूध या खीरा आँख के अंदर नहीं जाता। सेक बंद पलकों पर ही रहता है।
सामग्री
- 2 बड़े चम्मच ठंडा दूध
- दो साफ रुई की पट्टियाँ
- कुछ मिनट फ्रिज में रखी छोटी कटोरी
बनाने की विधि
- थोड़ा ठंडा दूध साफ कटोरी में लें। गुलाब जल, घी या शहद न मिलाएँ।
- रुई भिगोकर निचोड़ें ताकि नम रहे, टपके नहीं।
इस्तेमाल का तरीका
- दोनों आँखें बंद करें। हर बंद पलक पर एक पट्टी रखें।
- सीधे बैठकर लगभग पाँच मिनट सेक रहने दें।
- रुई हटाएँ, त्वचा पोंछें, और हाथों से दूध धोएँ।
मददगार आदतें
- उसी दिन का ताज़ा दूध लें। फटा दूध त्वचा पर नहीं लगता।
- सिर के नीचे पुराना नरम कपड़ा टपकन रोकता है ताकि तकिया साफ रहे।
सावधानियाँ
- आँख के अंदर कुछ नहीं जाता। दूध बंद पलकों पर रुई में रहता है और घर का आईवॉश नहीं है।
- घी, गुलाब जल, दूध या खीरा आँख के अंदर नहीं जाता। खुजली या लालिमा हो तो रोकें।
- दूध से तकलीफ हो, आराम के दौरान लेंस लगा हो, या आँख दुखे तो यह न करें। दर्द या डिस्चार्ज पर डॉक्टर को दिखाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या आँख को दूध से धो सकते हैं?
- नहीं। आँख के अंदर कुछ नहीं जाता। ठंडा दूध बंद पलकों पर रुई में रहता है। यह घर का आईवॉश नहीं है।
क्या गर्म दूध चल सकता है?
- यह आदत ठंडे दूध की है ताकि पलक को ठंडक मिले। चेहरे पर गर्म दूध न लगाएँ।
दूध आँख की ओर बहे तो?
- सीधे बैठें, अच्छी तरह निचोड़ी रुई लगाएँ, और तरल पलकों की ओर बढ़े तो रोक दें। दूध आँख के अंदर जाने के लिए नहीं है।




