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ज़ुकाम के बाद कान बंद होने के घरेलू उपाय: भाप, जम्हाई, निगलना और गरम सिकाई
जब ज़ुकाम नाक और कान को जोड़ने वाली नलियों को बंद कर देता है, तो कान भरे हुए, दबे-दबे या पॉप करते लगते हैं। ज़ुकाम के बाद कान बंद होने के ये घरेलू उपाय नलियाँ खोलने में मदद करते हैं: भाप, कान पर गरम सिकाई, निगलना, जम्हाई लेना और चबाना, और नाक को हल्के से साफ़ रखना।

ज़ुकाम में कान बंद क्यों लगते हैं
यूस्टेशियन ट्यूब नाक के पिछले हिस्से को बीच के कान से जोड़ती है और दबाव संतुलित रखती है। ज़ुकाम या एलर्जी में सूजन और बलगम इसे बंद कर सकते हैं, जिससे कान भरे लगते हैं, आवाज़ दबी सुनाई देती है और पॉप होता है। ज़ुकाम ठीक होते-होते यह आम तौर पर एक-दो हफ़्ते में खुल जाता है।
गरम सिकाई और भाप सौम्य पारंपरिक उपाय हैं; कान बंद या दर्द हो तो कान के अंदर तेल, लहसुन या ईयर बड डालने की सलाह नहीं दी जाती।
सामग्री
- भाप के लिए गरम पानी की कटोरी
- गरम पानी की थैली या गरम तौलिया
- गरम पेय
बनाने की विधि
- चौड़ी कटोरी में गरम पानी डालें।
- गरम पानी की थैली को पतले तौलिये में लपेटें।
इस्तेमाल का तरीका
- दिन में दो बार 5–10 मिनट भाप लें।
- बंद कान पर 10 मिनट गरम सिकाई रखें।
- कई बार निगलें, जम्हाई लें या च्युइंग गम चबाएँ; नाक दबाकर और मुँह बंद रखकर बहुत हल्के से फूँक भी मार सकते हैं।
मददगार आदतें
- भाप और नमक पानी से नाक साफ़ रखें।
- सिर ऊँचा करके सोएँ।
- हो सके तो ज़ुकाम में हवाई यात्रा या गोताख़ोरी से बचें।
सावधानियाँ
- कान में तेल, लहसुन, ईयर बड या कोई चीज़ न डालें।
- नाक दबाकर ज़ोर से कभी न फूँकें; दर्द हो तो रुक जाएँ।
- कान में दर्द, स्राव, बुख़ार, चक्कर, अचानक कम सुनाई देना या 2 हफ़्ते से ज़्यादा कान बंद रहे तो डॉक्टर को दिखाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ज़ुकाम के बाद बंद कान कैसे खोलें?
- भाप, गरम सिकाई, निगलना, जम्हाई और चबाना कान की नलियाँ खोलने में मदद करते हैं। बंद नाक का इलाज भी मदद करता है।
क्या बंद कान में तेल डालना सुरक्षित है?
- बेहतर है न डालें, ख़ासकर अगर कान में दर्द या स्राव हो, क्योंकि संक्रमण या पर्दे में छेद हो सकता है।
ज़ुकाम के बाद कान कितने दिन बंद रहते हैं?
- आम तौर पर कुछ दिनों से दो हफ़्ते तक। इससे ज़्यादा रहे या दर्द हो तो डॉक्टर को दिखाएँ।








