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शिशु के पेट दर्द (कॉलिक) के घरेलू उपाय: डकार, पेट की मालिश, अजवाइन की पोटली और सुकून भरी पकड़

लंबे समय तक चुप न होने वाला रोना, अक्सर शाम को, लाल चेहरा और पैर पेट की ओर खिंचे — यह शिशु और माता-पिता दोनों के लिए मुश्किल है। शिशु के पेट दर्द के ये घरेलू उपाय आराम पर केंद्रित हैं: अच्छी डकार, पेट की हल्की मालिश, साइकिल वाले पैर, पेट के पास (सीधे नहीं) रखी गुनगुनी अजवाइन की पोटली और शांत करने वाली पकड़।

पीच पृष्ठभूमि पर अजवाइन की छोटी कपड़े की पोटली, गुनगुने नारियल तेल की कटोरी और तह किया मुलायम कपड़ा

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

कॉलिक क्या है

कॉलिक आम तौर पर ऐसे स्वस्थ शिशु में माना जाता है जो दिन में तीन घंटे से ज़्यादा, हफ़्ते में तीन दिन से ज़्यादा रोए; यह लगभग दो-तीन हफ़्ते की उम्र से शुरू होकर तीन-चार महीने तक कम हो जाता है। इसका सही कारण साफ़ नहीं है; निगली हवा, कच्चा पाचन तंत्र और ज़्यादा उत्तेजना भूमिका निभा सकते हैं।

भारतीय दादी-नानी गैस वाले शिशु के लिए परंपरा से गुनगुनी अजवाइन की पोटली और हल्की मालिश करती हैं; गर्माहट और लय ही मुख्य बात है।

सामग्री

  • 1 बड़ा चम्मच अजवाइन और एक साफ़ सूती रूमाल
  • मालिश के लिए कुछ बूँद गुनगुना नारियल या तिल का तेल
  • लपेटने के लिए मुलायम बेबी कंबल

बनाने की विधि

  1. अजवाइन को तवे पर एक मिनट सूखा भूनें, रूमाल में बाँधें और बस गुनगुना होने तक ठंडा होने दें; अपनी कलाई के अंदरूनी हिस्से पर कम से कम 10 सेकंड जाँचें।
  2. तेल हथेलियों के बीच गरम करें।

इस्तेमाल का तरीका

  • हर दूध पिलाने के बीच में और बाद में डकार दिलाएँ।
  • दूध पिलाने के बीच के समय 2–3 मिनट पेट पर घड़ी की दिशा में हल्की गोल मालिश करें और 10 बार 'साइकिल वाले पैर' चलाएँ।
  • गुनगुनी पोटली अपनी हथेली पर रखें और हथेली को कपड़ों के ऊपर से शिशु के पेट पर एक-दो मिनट टिकाएँ; लपेटना, झुलाना, हल्की 'श्श्श' आवाज़ या शिशु को पेट के बल अपनी बाँह पर लिटाना भी आज़माएँ।

मददगार आदतें

  • स्तनपान की पकड़ या बोतल के निप्पल का बहाव जाँचें; हवा गटकने से गैस बढ़ती है।
  • शाम को कमरा धीमी रोशनी वाला और शांत रखें।
  • किसी दूसरे बड़े के साथ बारी-बारी संभालें और बहुत थकान लगे तो कुछ मिनट के लिए हट जाएँ; शिशु को पालने में सुरक्षित लिटा देना ठीक है।

सावधानियाँ

  • गरम पोटली कभी सीधे शिशु की त्वचा पर न रखें, और 6 महीने से छोटे शिशु को बच्चों के डॉक्टर की सलाह के बिना अजवाइन का पानी, ग्राइप वॉटर, हींग, शहद या कोई हर्बल पेय न दें।
  • रोने के साथ बुखार (3 महीने से छोटे शिशु में 38°C या ज़्यादा), उल्टी (ख़ासकर हरी), मल में ख़ून, दूध ठीक से न पीना, फूला पेट, कमज़ोर या तीखा रोना, या असामान्य सुस्ती हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ।
  • शिशु को कभी न झकझोरें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

शिशु के कॉलिक में जल्दी आराम कैसे दें?

डकार, पेट की हल्की मालिश, साइकिल वाले पैर और शांत, झुलाती पकड़ से रोने का दौर अक्सर शांत होता है। कॉलिक ख़ुद लगभग तीन-चार महीने में कम हो जाता है।

क्या नवजात के लिए अजवाइन की पोटली सुरक्षित है?

कपड़ों के ऊपर से इस्तेमाल की गई गुनगुनी पोटली — कभी गरम नहीं और कभी सीधे त्वचा पर नहीं — एक आम पारंपरिक आराम है। पहले तापमान ज़रूर जाँचें।

क्या कॉलिक में ग्राइप वॉटर देना चाहिए?

पहले बच्चों के डॉक्टर से पूछें। कई ग्राइप वॉटर में चीनी या दूसरी चीज़ें होती हैं, और छह महीने से छोटे शिशु को आम तौर पर सिर्फ़ दूध की सलाह दी जाती है।
सभी देखें: बच्चों के लिए घरेलू उपाय