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मसूड़ों की सूजन के घरेलू उपाय: हल्दी-नमक, अमरूद के पत्तों का कुल्ला और हल्का फ़्लॉस
लाल, फूले मसूड़े जो ब्रश करते समय दुखें, अक्सर मसूड़े की किनारी पर जमी प्लाक से परेशान होते हैं। मसूड़ों की सूजन के ये घरेलू उपाय गुनगुने नमक-पानी, चुटकी भर हल्दी और अमरूद के पत्तों के गरारे को सावधान सफ़ाई के साथ जोड़ते हैं — यही मसूड़ों को असल में शांत करता है।

मसूड़े क्यों सूजते हैं
ज़्यादातर सूजन जिंजिवाइटिस होती है: प्लाक के बैक्टीरिया मसूड़े की किनारी को परेशान करते हैं, जिससे वह सूजता है और ख़ून भी आ सकता है। दाँतों में फँसा खाना, निकलती अक्ल दाढ़, गर्भावस्था के हार्मोनल बदलाव और कुछ दवाएँ भी मसूड़ों को फुला सकती हैं।
आयुर्वेद में नीम, हल्दी, अमरूद और बबूल के पत्ते जैसी कड़वी व कसैली चीज़ें परंपरा से मसूड़ों को कसने और साफ़ रखने के लिए इस्तेमाल होती हैं।
सामग्री
- 1 कप गुनगुने पानी में ½ छोटा चम्मच नमक
- ¼ छोटा चम्मच हल्दी और कुछ बूँद सरसों या तिल का तेल
- अमरूद (या नीम) के 5–6 कोमल पत्ते
- डेंटल फ़्लॉस या इंटरडेंटल ब्रश
बनाने की विधि
- हल्दी में कुछ बूँद तेल मिलाकर गाढ़ा लेप बना लें।
- धुले अमरूद के पत्तों को 2 कप पानी में 5 मिनट उबालें, गुनगुना होने दें और छान लें।
इस्तेमाल का तरीका
- खाने के बाद दिन में दो-तीन बार गुनगुने नमक-पानी से कुल्ला करें।
- दिन में एक बार साफ़ उंगली से थोड़ा हल्दी लेप मसूड़ों पर लगाएँ, 2 मिनट बाद कुल्ला कर लें।
- दिन में एक बार अमरूद के पत्तों के पानी से गरारा करें और हर रात धीरे से फ़्लॉस करें।
मददगार आदतें
- दुखती जगह पर भी हल्के हाथ से ब्रश करते रहें; छोड़ देने से प्लाक और जमता है।
- हर तीन महीने में या ब्रिसल फैलने पर टूथब्रश बदलें।
- आँवला, अमरूद और संतरे जैसे विटामिन सी वाले फल नियमित खाएँ।
सावधानियाँ
- मवाद, बुखार, चेहरे या जबड़े में सूजन या दाँत हिलने पर जल्दी डेंटिस्ट को दिखाएँ।
- गर्भावस्था में मसूड़े अक्सर फूलते हैं; प्रसव-पूर्व जाँच और दंत जाँच में इसका ज़िक्र करें।
- हल्दी दाग़ छोड़ सकती है; अच्छे से कुल्ला करें और खुले घाव पर न लगाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मसूड़ों की सूजन ठीक होने में कितना समय लगता है?
- प्लाक से हुई सूजन अक्सर एक-दो हफ़्ते की सावधान ब्रशिंग, फ़्लॉसिंग और कुल्ले से कम हो जाती है। न हो तो डेंटिस्ट से सफ़ाई करवाएँ।
क्या नमक-पानी सूजे मसूड़ों के लिए अच्छा है?
- हाँ, गुनगुने नमक-पानी का कुल्ला मसूड़ों को साफ़ रखने और दर्द कम करने का आसान पारंपरिक तरीक़ा है। यह ब्रश और फ़्लॉस की जगह नहीं, उनका साथी है।
क्या रोज़ मसूड़ों पर हल्दी लगा सकते हैं?
- एक-दो हफ़्ते तक दिन में एक बार थोड़ी मात्रा आम तौर पर लगाई जाती है। जलन या चुभन हो तो बंद कर दें।






