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त्वचा10 मिनट

मुँहासों के निशान के लिए मंजिष्ठा और चंदन का लेप

पुराने, सपाट मुँहासों के निशानों पर मंजिष्ठा और चंदन का पतला लेप हफ़्ते में कुछ रात। धैर्य और सनस्क्रीन सबसे ज़रूरी हैं।

चित्र में चंदन, गुलाब जल की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

भारतीय घरों में मंजिष्ठा

मंजिष्ठा एक लाल जड़ है जिसे आयुर्वेद त्वचा के लिए और रक्त-शोधक जड़ी के रूप में इस्तेमाल करता है। घर पर इसका पाउडर ज़्यादातर फ़ेस पैक में लगाया जाता है; इससे त्वचा पर हल्का गुलाबी रंग आता है।

मंजिष्ठा और चंदन दोनों आयुर्वेद में त्वचा को निखारने वाली पारंपरिक जड़ियाँ हैं। मुँहासे ठीक होने के बाद रह गए निशानों पर हल्के से लगाने पर हफ़्तों में थोड़ी मदद मिल सकती है, पर निशान हल्के करने में रोज़ का सनस्क्रीन सबसे ज़्यादा काम करता है।

सामग्री

  • ¼ छोटा चम्मच मंजिष्ठा पाउडर
  • ¼ छोटा चम्मच चंदन पाउडर
  • गुलाब जल या कच्चा दूध

बनाने की विधि

  1. पतला लेप बना लें।

इस्तेमाल का तरीका

  • सपाट निशानों पर, सक्रिय मुँहासों पर नहीं, 15 मिनट लगाएँ।
  • धो लें और हफ़्ते में तीन रात इस्तेमाल करें।

मददगार आदतें

  • मंजिष्ठा पाउडर लाल-भूरा और मिट्टी जैसी खुशबू वाला होना चाहिए।

सावधानियाँ

  • खुले, सूजे मुँहासों पर न लगाएँ।
  • मंजिष्ठा मुँह से लेना वैद्य की सलाह पर ही हो, ख़ुद से नहीं; इससे पेशाब लाल हो सकता है।
  • चेहरे पर लगाने से 24 घंटे पहले बाँह के अंदरूनी हिस्से पर पैच टेस्ट करें।
  • खुजली, दाने, पेट खराब या कोई और परेशानी हो तो तुरंत बंद करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

निशान कितने समय में हल्के होते हैं?

अक्सर कई हफ़्तों से महीनों में; गहरे निशान धीरे-धीरे हल्के होते हैं।

क्या रात भर छोड़ सकते हैं?

नहीं, 15 मिनट काफ़ी हैं।

क्या मंजिष्ठा से चेहरे पर दाग रहेगा?

हल्का गुलाबी रंग रह सकता है जो एक-दो बार धोने से चला जाता है।