ठोस खाना खा रहे बच्चे के लिए मसला पका पपीता
पके पपीते के कुछ चम्मच, चिकने मसले, बीज निकालकर। शहद नहीं। केवल उस बच्चे के लिए जो ठोस खाना खा चुका है। यह दवा नहीं।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
पका फल, बीज बाहर, शहद बाहर
पका पपीता साफ़ चम्मच से मसलना उस बच्चे के लिए नरम फल है जो ठोस खाना खा चुका है। केवल नारंगी गूदा लें। बीज, छिलका और सफेद सख्त बीच कटोरी में नहीं जाते। न शहद, न चीनी। कुछ चम्मच काफ़ी हैं। यह कब्ज़, बुखार या कीड़ों का इलाज नहीं।
पहले पपीते से खुजली या दाने हुए हों तो फिर न आज़माएँ। जो बच्चा अभी ठोस खाने पर नहीं, उसे यह मैश नहीं। पतले दस्त जो चलते रहें, मल में खून, उलटी, या जो बच्चा ढीला पड़ा हो या पी न रहा हो, उसे डॉक्टर चाहिए। कच्चा पपीता इसकी जगह नहीं। वह सख्त है और यह विधि नहीं।
सामग्री
- पके पपीते के गूदे के कुछ चम्मच
- साफ़ चम्मच
- न बीज, न छिलका, न शहद
बनाने की विधि
- पका नारंगी गूदा निकालें। बीज और छिलका फेंक दें।
- चिकना मसलें। कमरे के तापमान या हल्का ठंडा दें। कुछ मीठा न मिलाएँ।
इस्तेमाल का तरीका
- जो बच्चा नरम फल खा चुका है, उसे कुछ चम्मच दें।
- छोटी मात्रा पर रुकें। बड़ी कटोरी न खिलाएँ।
- दाने या खुजली हो तो रोक दें।
मददगार आदतें
- पका पपीता काँटे से मसल जाता है। चाकू से ज़ोर लगाना पड़े तो वह काफी पका नहीं।
- ताज़ा बनाएँ। मसला पपीता घंटों बाहर नहीं रहता।
सावधानियाँ
- बीज बाहर। शहद नहीं। जो बच्चा ठोस खाने पर नहीं, उसे नहीं।
- कब्ज़, कीड़े या बुखार का इलाज नहीं।
- दाने, या जो बच्चा ढीला पड़ा हो या पी न रहा हो, उसे डॉक्टर चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
फायदे के लिए शहद या बीज मिला दूँ?
- नहीं। न शहद, न बीज। मैश केवल पका गूदा है, और एक साल से छोटे को शहद नहीं दिया जाता।
क्या पपीता कीड़े या कब्ज़ साफ़ कर देगा?
- नहीं। यह फल के कुछ चम्मच हैं, इलाज नहीं। बच्चे में ये समस्याएँ डॉक्टर के पास जानी चाहिए।
क्या हरा पपीता ले लूँ?
- नहीं। यह पन्ना पका फल है, मसला हुआ। कच्चा पपीता अलग और सख्त खाना है, यह विधि नहीं।



