ठोस खाना खा रहे बच्चे के लिए बहुत नरम दलिया
दलिया इतना पका कि मसल जाए, घी की कुछ बूँदें, बिना शहद। केवल उस बच्चे के लिए जो ठोस खाना खा चुका है। यह दवा नहीं।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
मसलने लायक नरम, और शहद नहीं
कटा गेहूँ बहुत पानी में तब तक पकाया जा सकता है जब तक दाना साफ़ उँगलियों के बीच मसल जाए। यह उस बच्चे की सादी कटोरी है जो ठोस खाना खा चुका है। ऊपर घी की कुछ बूँदें पड़ सकती हैं। न शहद, न चीनी, न साबुत मेवे। यह बुखार, कम भूख या कम वज़न का इलाज नहीं।
यह गेहूँ है। बच्चे को गेहूँ मना हो तो न दें। जो बच्चा अभी ठोस खाने पर नहीं, उसे यह कटोरी नहीं। जो बच्चा ढीला पड़ा हो, पी न रहा हो, बार-बार उलटी कर रहा हो या साँस जोर से चल रही हो, उसे डॉक्टर चाहिए, गाढ़ा दलिया नहीं। देने से पहले गुनगुना होने तक ठंडा करें।
सामग्री
- दलिया की छोटी मुट्ठी
- पानी
- घी की कुछ बूँदें
- शहद नहीं
बनाने की विधि
- दलिया को बहुत पानी में तब तक पकाएँ जब तक पूरी तरह नरम और मसलने लायक हो।
- घी खाते हों तो कुछ बूँदें मिलाएँ। गुनगुना होने तक ठंडा करें। शहद या चीनी न डालें।
इस्तेमाल का तरीका
- जो बच्चा ऐसे ठोस खा चुका है, उसे थोड़ी मात्रा दें।
- कोई ढेला हो तो मसल दें।
- बाकी उसी दिन फ्रिज में रखें, गरम करके फिर गुनगुना करके दें।
मददगार आदतें
- सख्त हो जाए तो गरम पानी से पतला करें। मीठे दूध के पेय से नहीं।
- चूल्हे पर पड़ा बड़ा बर्तन नहीं, ताज़ा छोटी मात्रा सुरक्षित है।
सावधानियाँ
- शहद नहीं, खासकर एक साल से छोटे को नहीं।
- गेहूँ: गेहूँ मना हो तो न दें।
- बीमारी का इलाज नहीं। ढीला, साँस फूलता या बार-बार उलटी करता बच्चा डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
स्वाद के लिए शहद डाल दूँ?
- नहीं। इस कटोरी में शहद नहीं, और एक साल से छोटे को कभी नहीं।
रोज़ दलिया से दुबला बच्चा वज़न बढ़ा लेगा?
- नहीं। यह एक नरम खाना है, कम बढ़त का इलाज नहीं। वज़न की चिन्ता हो तो डॉक्टर को दिखाएँ।
बच्चा अभी ठोस नहीं खाता। पकाने का पानी दे दूँ?
- नहीं। यह पन्ना उस बच्चे के लिए है जो ठोस खा चुका है। पकाने का पानी छोटे शिशु का आहार नहीं।



