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सहजन की पत्तियां घी और जीरे में छौंककर दाल में मिलाना

सहजन की मुट्ठी भर पत्तियां घी और जीरे में छौंककर रोज की दाल में मिलाना साग है, किसी चूर्ण की मात्रा नहीं। यह सहायक है और डॉक्टर का विकल्प नहीं।

लकड़ी के बोर्ड पर सहजन की मुट्ठी भर पत्तियां, जीरे के दाने और घी की छोटी कटोरी

सहजन तड़के की तरह, ढेर की तरह नहीं

सहजन की ताजी पत्तियां जल्दी पक जाती हैं। मुट्ठी भर पत्तियों को थोड़े घी और जीरे में गरम करके दाल में मिलाना घर के तड़के जैसा लगता है।

इसे थाली के खाने की तरह लें। कच्ची पत्तियों का बड़ा ढेर यह उपाय नहीं है। दाल सहायक है और डॉक्टर का विकल्प नहीं।

सामग्री

  • मुट्ठी भर सहजन की पत्तियां
  • एक छोटी चम्मच घी
  • आधी छोटी चम्मच जीरा
  • पकी हुई दाल की एक कटोरी

बनाने की विधि

  1. सहजन की पत्तियां धोकर मोटी डंठलों से अलग कर लें।
  2. घी गरम करें, जीरा डालें, फिर पत्तियां, और नरम होने तक पकाएं।

इस्तेमाल का तरीका

  • तड़के को गरम दाल में मिला दें।
  • चावल या रोटी के साथ एक सामान्य कटोरा खाएं।
  • बर्तन में एक मुट्ठी डालें, कई ठूसे कप नहीं।

मददगार आदतें

  • नर्म पत्तियां जल जाएं तो कड़वी हो जाती हैं। आंच धीमी रखें।
  • सिर्फ सूखी पत्तियां हों तो छोटी चुटकी लें और उसी घी में पकाएं।

सावधानियाँ

  • दाल में एक मुट्ठी ही मात्रा है। कच्ची पत्तियों की बड़ी थाली न खाएं।
  • सहजन से पेट पहले बिगड़ा हो तो छोड़ दें। गर्भावस्था में डॉक्टर से पूछें।
  • यह सिर्फ सहायक है और डॉक्टर का विकल्प नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सहजन की पत्ती और मुनगे की पत्ती एक ही हैं?

हां। कोमल हरी पत्तियां लें, मुट्ठी भर, घी और जीरे में छौंककर।

क्या इसकी जगह सहजन का चूर्ण निगल सकते हैं?

यह उपाय दाल में पत्तियां हैं, चूर्ण की चम्मच नहीं। इसे खाने की तरह रखें।

कितनी बार मिला सकते हैं?

जिस दिन दाल पके, एक मुट्ठी सहायक आदत है। यह डॉक्टर का विकल्प नहीं।
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