डायबिटीज़ में सहायक5 मिनट
निशा आमलकी: हल्दी और आँवले का मेल
निशा आमलकी, यानी बराबर हल्दी और आँवला, प्रमेह के लिए शास्त्रीय आयुर्वेदिक मेल है। इसे कैसे लिया जाता है और देखरेख क्यों ज़रूरी है।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
भारतीय घरों में हल्दी
हल्दी भारतीय रसोई का रोज़ का पीला मसाला है। इसका मुख्य तत्व करक्यूमिन अकेले शरीर में कम सोखा जाता है, इसीलिए पारंपरिक नुस्खों में इसे घी या दूध जैसी चिकनाई और चुटकी भर काली मिर्च के साथ लिया जाता है।
निशा यानी हल्दी और आमलकी यानी आँवला। यह जोड़ी शास्त्रीय ग्रंथों में प्रमेह, जिसमें डायबिटीज़ शामिल है, के लिए बताई गई है। कुछ छोटे अध्ययन बताते हैं कि यह साथ में लेने पर शुगर नियंत्रण में मदद कर सकती है, पर ब्रांडों में गुणवत्ता और मात्रा अलग होती है।
सामग्री
- लाइसेंस वाली फ़ार्मेसी से निशा आमलकी चूर्ण या गोलियाँ
- गुनगुना पानी
बनाने की विधि
- मात्रा डॉक्टर या वैद्य से पूछें, आमतौर पर ½ से 1 छोटा चम्मच चूर्ण।
इस्तेमाल का तरीका
- बताए अनुसार खाने के बाद गुनगुने पानी से लें।
- तीन महीने बाद डॉक्टर के साथ HbA1c दोबारा जाँचें।
मददगार आदतें
- साबुत हल्दी या भरोसेमंद ब्रांड लें; खुला चटक पाउडर मिलावटी हो सकता है।
सावधानियाँ
- दवा जितनी मात्रा में हल्दी खून पतला करने वाली दवाओं से टकरा सकती है; डॉक्टर को बताएँ। पेट खराब हो तो बंद करें।
- ज़्यादा मात्रा से पेट खराब हो सकता है; खून पतला करने की दवा लेते हों या पित्त की पथरी हो तो डॉक्टर से पूछें।
- शुगर की जाँच करते रहें; इसे शुरू करने से पहले डॉक्टर को बताएँ, दवा की मात्रा देखनी पड़ सकती है।
- यह पारंपरिक इस्तेमाल है; वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। डॉक्टर की दी हुई दवा बंद न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या घर पर बना सकते हैं?
- अच्छी हल्दी और आँवला पाउडर बराबर मिलाना पारंपरिक घरेलू तरीका है; मात्रा डॉक्टर से पक्की करें।
क्या मेटफ़ॉर्मिन के साथ सुरक्षित है?
- आमतौर पर साथ में लिया जाता है, पर शुगर जाँचें और डॉक्टर को बताएँ।
क्या हल्दी दाग छोड़ती है?
- हाँ, त्वचा, नाखून और कपड़े पर; त्वचा से एक-दो दिन में हल्का हो जाता है।



