शिलाजीत खाने का सही तरीका: कितना, कब और कैसे
शिलाजीत रेज़िन कैसे खाएँ — कितनी मात्रा, कब, दूध या पानी में, कितने दिन तक, और किन आम गलतियों से बचें। आसान स्टेप-बाय-स्टेप गाइड।

प्रकाशित 26 सितंबर 2026 · 3 मिनट में पढ़ें
शिलाजीत रेज़िन इस्तेमाल करना आसान है, बस बुनियादी बातें पता हों। सबसे ज़रूरी है थोड़ी मात्रा, नियमित रूप से — बड़ा चम्मच भरकर नहीं। ज़्यादातर लेबल और आयुर्वेदिक वैद्य यही तरीका बताते हैं।
शिलाजीत कितना खाएँ (मात्रा)
शिलाजीत रेज़िन की सामान्य लेबल मात्रा रोज़ 250–500 मिलीग्राम है, या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह अनुसार। तराज़ू की ज़रूरत नहीं:
- लगभग 250 मिलीग्राम — चावल के एक दाने जितना।
- लगभग 500 मिलीग्राम — मटर के एक दाने जितना।
पहले हफ़्ते चावल के दाने जितनी मात्रा से शुरू करें और देखें कि शरीर कैसा महसूस करता है। लेबल पर लिखी मात्रा से ज़्यादा कभी न लें।
स्टेप बाय स्टेप: शिलाजीत कैसे खाएँ
- साफ़, सूखे चम्मच या पैक के स्पैचुला से रेज़िन निकालें। नमी से रेज़िन ख़राब होता है।
- इसे एक कप गुनगुने (उबलते नहीं) पानी या दूध में डालें।
- एक मिनट तक चलाएँ जब तक पूरा घुल न जाए। पेय सुनहरा-भूरा से गहरा भूरा हो जाएगा।
- इसे दिन में एक बार पिएँ।
अगर रेज़िन बहुत सख़्त हो (सर्दियों में आम है), तो बंद जार को एक मिनट हथेलियों में गरम करें। बहुत नरम हो (गर्मियों में), तो ठंडी जगह रखें।
शिलाजीत दूध में कैसे पिएँ या पानी में?
दोनों पारंपरिक तरीके हैं। गुनगुना दूध रसायनों के साथ आयुर्वेद की पुरानी जोड़ी है और शिलाजीत का तेज़, मिट्टी जैसा स्वाद हल्का कर देता है। गुनगुना पानी हल्का रहता है और दूध न लेने वालों के लिए ठीक है। पेय गुनगुना होने पर थोड़ा शहद मिला सकते हैं (गरम में नहीं)। जो तरीका आप रोज़ निभा सकें, वही चुनें।
शिलाजीत कब खाना चाहिए: सही समय
ज़्यादातर लोग शिलाजीत सुबह हल्के नाश्ते के साथ या बाद में लेते हैं, क्योंकि यह दिनचर्या में आसानी से बैठ जाता है। अगर ख़ाली पेट लेने से पेट में बेचैनी हो, तो खाने के बाद लें।
शिलाजीत कितने दिन खाना चाहिए?
आयुर्वेदिक वैद्य आमतौर पर रसायन को बीच-बीच में ब्रेक के साथ एक कोर्स की तरह लेने की सलाह देते हैं, लगातार हमेशा नहीं। कोई एक नियम नहीं है — अपने वैद्य से पूछें कि आपके लिए कितने दिन ठीक है, और सूट न करे तो बंद कर दें। रोज़ 250–500 मिलीग्राम लेने पर 10 ग्राम का जार लगभग 3 से 6 हफ़्ते चलता है।
इन गलतियों से बचें
- ज़्यादा मात्रा लेना। ज़्यादा का मतलब बेहतर नहीं। 250–500 मिलीग्राम में ही रहें।
- गीला चम्मच डालना। जार में पानी जाने से रेज़िन ख़राब होता है।
- उबलते पेय में घोलना। गुनगुना काफ़ी है।
- बिना सलाह कई सप्लीमेंट साथ लेना।
- बिना लेबल वाला रेज़िन ख़रीदना। देखें: ओरिजिनल शिलाजीत की पहचान।
हमारा रेज़िन
अदम्य हर्बल्स हिमालयन शिलाजीत रेज़िन, 10 ग्राम ₹399 (MRP ₹799) में, जार पर रोज़ 250–500 मिलीग्राम की मात्रा छपी है। UPI या WhatsApp से यहाँ ऑर्डर करें।
डॉक्टर की सलाह
12 साल से कम उम्र के बच्चों को शिलाजीत न दें। गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएँ डॉक्टर की सलाह के बिना न लें। दिल की बीमारी, गाउट या हाई यूरिक एसिड, आयरन की अधिकता या कोई पुरानी बीमारी हो, या नियमित दवा लेते हों, तो पहले डॉक्टर से पूछें। पेट ख़राब होने, दाने या कुछ भी असामान्य लगने पर बंद करें। देखें: शिलाजीत के नुकसान और हमारी पूरी शिलाजीत गाइड।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रोज़ कितना शिलाजीत खाना चाहिए?
- सामान्य लेबल मात्रा रोज़ 250–500 मिलीग्राम है — चावल के दाने से मटर के दाने जितना — या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह अनुसार। कम मात्रा से शुरू करें।
क्या शिलाजीत दूध के साथ ले सकते हैं?
- हाँ। गुनगुने दूध में शिलाजीत घोलकर पीना आयुर्वेद का पारंपरिक तरीका है। दूध न लेते हों तो गुनगुना पानी भी ठीक है।
शिलाजीत कब खाना चाहिए?
- ज़्यादातर लोग इसे दिन में एक बार सुबह, हल्के नाश्ते के साथ या बाद में लेते हैं। पेट में बेचैनी हो तो खाने के बाद लें।
शिलाजीत कितने दिन तक खाना चाहिए?
- आयुर्वेद में रसायन आमतौर पर ब्रेक के साथ कोर्स की तरह लिए जाते हैं। कोई तय नियम नहीं, इसलिए अपने वैद्य से पूछें। लेबल मात्रा पर 10 ग्राम का जार लगभग 3–6 हफ़्ते चलता है।
क्या शिलाजीत रेज़िन सीधे चबा सकते हैं?
- परंपरा से इसे गुनगुने पेय में घोलकर लिया जाता है, जिससे मात्रा नापना आसान होता है और स्वाद भी हल्का रहता है। अपने लेबल पर दिया तरीका अपनाएँ।
शिलाजीत गाइड
फायदे, खाने का तरीका, असली-नकली की पहचान, रूप, नुकसान और कीमत — आसान भाषा में।
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