बच्चों की सेहत10 मिनट
बड़े बच्चों की गैस के लिए हल्का सौंफ पानी
दो साल से बड़े बच्चों में खाने के बाद हल्की गैस या पेट की बेचैनी के लिए हल्का, ठंडा किया सौंफ पानी, छोटी-छोटी चुस्कियों में।

सौंफ के बारे में ज़रूरी बातें
सौंफ मीठी, खुशबूदार और ठंडक देने वाली होती है। पूरे भारत में खाने के बाद इसे चबाया जाता है और गैस व भारीपन में इसकी हल्की चाय बनाई जाती है।
सौंफ भारत में गैस के सबसे आम घरेलू उपायों में है। बच्चों के लिए इसे हल्का और कम मात्रा में रखें। गाढ़ा सौंफ तेल और बीज के अर्क शिशुओं के लिए ठीक नहीं हैं।
सामग्री
- ½ छोटा चम्मच सौंफ
- 1 कप पानी
बनाने की विधि
- सौंफ को पानी में दो मिनट उबालें; छानकर गुनगुना होने तक ठंडा करें।
इस्तेमाल का तरीका
- दो साल से बड़े बच्चों को खाने के बाद दो से चार छोटे चम्मच, दिन में दो बार तक दें।
मददगार आदतें
- हरे, भरे हुए दाने चुनें; फीके भूरे दाने पुराने होते हैं।
सावधानियाँ
- बच्चों के डॉक्टर की सलाह के बिना शिशुओं को न दें। लगातार पेट दर्द, उल्टी या वज़न घटने पर डॉक्टर को दिखाएँ।
- गर्भावस्था में बहुत ज़्यादा मात्रा की सलाह नहीं दी जाती।
- शिशुओं और पाँच साल से छोटे बच्चों के लिए पहले बच्चों के डॉक्टर से पूछें।
- यह घरेलू उपाय है, इलाज नहीं। लक्षण कुछ दिनों से ज़्यादा रहें या बढ़ें तो डॉक्टर को दिखाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या चीनी डाल सकते हैं?
- बड़े बच्चों के लिए चुटकी भर मिश्री ठीक है।
ग्राइप वॉटर का क्या?
- बच्चों के डॉक्टर से पूछें; कई में चीनी या दूसरी चीज़ें होती हैं।
चीनी वाली सौंफ या सादी?
- सादी या हल्की भुनी सौंफ बेहतर है; चीनी चढ़ी सौंफ में चीनी और रंग होता है।



