वज़न15 मिनट
दोपहर को भाप में पके मूंग अंकुर की कटोरी
भाप में पके मूंग अंकुर, प्याज, टमाटर, नींबू और जीरे के साथ एक दोपहर की कटोरी बनते हैं। यह बैठकर खाने वाला भोजन है। इस बात का वादा नहीं कि वज़न बदलेगा।

अंकुर की कटोरी जो फिर भी दोपहर का खाना है
मूंग के अंकुर आसानी से कच्चे ढेर लगाकर योजना कह दिए जाते हैं। यह कटोरी थोड़ी पकी है: अंकुर भाप में बस नरम होते हैं, फिर प्याज, टमाटर, नींबू और जीरे के साथ मिलते हैं। इसे दोपहर का खाना मानकर बैठकर खाएँ। भूख बची हो तो चावल या रोटी साथ लें।
कटोरी वज़न बदलने का वादा नहीं करती। यह खाना है। जो अंकुर खट्टे महकें, फिसलन भरे हों, या घंटों गरमाहट में पड़े रहें, उन्हें फेंक दें। अच्छी तरह चबाएँ। अंकुर से पेट फूलता हो तो सादी मूंग की दाल पर लौट जाएँ।
सामग्री
- एक कटोरी मूंग के अंकुर
- थोड़ा कटा हुआ प्याज
- एक कटा हुआ टमाटर
- आधा नींबू
- एक चुटकी जीरा
बनाने की विधि
- मूंग के अंकुरों को भाप में बस नरम होने तक पकाएँ, गलकर मस नहीं, फिर थोड़ा ठंडा करें।
- प्याज, टमाटर, नींबू का रस और जीरा मिलाएँ। नमक चाहिए तो एक चुटकी डालें।
इस्तेमाल का तरीका
- एक कटोरी दोपहर के खाने की तरह बैठकर खाएँ।
- भूख बची हो तो रोटी या थोड़े चावल जोड़ें। भोजन न छोड़ें।
- उसी दिन खाएँ। भाप में पके अंकुर घंटों गर्म न रखें।
मददगार आदतें
- कच्चा प्याज तीखा लगे तो कटा प्याज पहले ठंडे पानी में धो लें।
- खट्टी गंध हो तो अंकुर खाने लायक नहीं रहे। सजाकर न खाएँ, फेंक दें।
सावधानियाँ
- यह दोपहर का खाना है, वज़न बदलने का वादा नहीं, और भोजन छोड़ने का दिन नहीं।
- खट्टे या फिसलन भरे अंकुर न खाएँ।
- बहुत गैस या पेट दर्द हो तो रोक दें। दर्द न रुके तो डॉक्टर को दिखाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या अंकुर की कटोरी वज़न बदल देगी?
- नहीं। यह भाप में पके अंकुरों का एक दोपहर का खाना है। वज़न बदलने का वादा नहीं।
क्या मूंग के अंकुर कच्चे खाने चाहिए?
- नहीं। बस नरम होने तक भाप में पकाएँ, फिर प्याज, टमाटर, नींबू और जीरा मिलाएँ।
क्या सिर्फ़ अंकुर खाकर बाकी दोपहर छोड़ दें?
- भूख बची हो तो रोटी या थोड़े चावल जोड़ें। यह कटोरी भोजन छोड़ने का कारण नहीं।



