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पाचन10 मिनट

भारी दोपहर के खाने से पहले त्रिकटु की चुटकी

सोंठ, काली मिर्च और पिप्पली का मिश्रण त्रिकटु, सुस्त दिनों में भारी खाने से पहले शहद के साथ बहुत छोटी चुटकी।

चित्र में काली मिर्च, शहद, ताज़ा अदरक की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

घर पर पिप्पली का समझदारी से इस्तेमाल

पिप्पली (लंबी मिर्च) पतली, बाली जैसी मिर्च है जो काली मिर्च से ज़्यादा तीखी होती है। सोंठ और काली मिर्च के साथ यह त्रिकटु बनाती है, आयुर्वेद का पुराना गर्म त्रिक।

त्रिकटु का अर्थ है 'तीन तीखे'। जब भूख कम हो और खाना भारी लगे, तो आयुर्वेद इसे अग्नि, यानी पाचन की आग, जगाने के लिए इस्तेमाल करता है। यह बहुत गर्म है, इसलिए चुटकी भर काफ़ी है और यह रोज़ के लिए नहीं।

सामग्री

  • सोंठ, काली मिर्च और पिप्पली पाउडर बराबर मात्रा में
  • ½ छोटा चम्मच शहद (बड़ों के लिए)

बनाने की विधि

  1. तीनों पाउडर मिलाकर छोटे डिब्बे में रखें।
  2. छोटी चुटकी लेकर शहद में मिलाएँ।

इस्तेमाल का तरीका

  • कभी-कभार भारी दोपहर के खाने से 15 मिनट पहले चाटें।
  • खाना ख़ुद भी संतुलित रखें।

मददगार आदतें

  • साबुत पिप्पली लें और थोड़ी-थोड़ी पीसें।

सावधानियाँ

  • एसिडिटी, अल्सर, बवासीर वाले लोगों और गर्मी के मौसम में न लें।
  • बहुत गर्म है; एसिडिटी, अल्सर, गर्भावस्था और बच्चों में न लें।
  • यह घरेलू उपाय है, इलाज नहीं। लक्षण कुछ दिनों से ज़्यादा रहें या बढ़ें तो डॉक्टर को दिखाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या त्रिकटु खाने में डाल सकते हैं?

हाँ, सूप या दाल में चुटकी भर अच्छा रहता है।

क्या त्रिकटु से वज़न घटता है?

प्रमाण कमज़ोर हैं; यह पाचक मसाला है, चर्बी घटाने वाला नहीं।

चुटकी भर पिप्पली कितनी होती है?

पाउडर का चौथाई छोटे चम्मच से भी कम।