सर्दी-खाँसी12 मिनट
तुलसी पत्तों की भाप
तुलसी पत्ते गर्म पानी में डाले जाते हैं और ढीले तौलिए के साथ भाप थोड़ी दूर से ली जाती है।

सुरक्षित दूरी से तुलसी की भाप
ताजा तुलसी पत्ते उस गर्म पानी में डालें जो चूल्हे से उतर चुका हो। थोड़ी दूर बैठकर भाप लें। तौलिया ओढ़ें तो ढीला रखें और हवा के लिए जगह छोड़ें। मुंह कटोरे के अंदर नहीं जाता और कोई सुगंधित तेल नहीं मिलाया जाता।
छोटे बच्चों के लिए यह नहीं है। भाप जला सकती है और बच्चे पर तौलिया ओढ़ाना सुरक्षित नहीं। चक्कर आए या बहुत गर्मी लगे तो तुरंत रुकें। नाक बंद रहे या खांसी कुछ दिनों से आगे बढ़े, बुखार हो, या घरघराहट हो तो कटोरे के और पास झुकने के बजाय डॉक्टर से मिलें।
सामग्री
- एक मुट्ठी ताजा तुलसी पत्ते
- गर्म पानी का कटोरा
- सूती कपड़ा या तौलिया
बनाने की विधि
- तुलसी धोकर ऐसे गर्म पानी में डालें जो उबलना बंद कर चुका हो और चूल्हे पर न हो।
- कटोरा स्थिर मेज पर रखें और इतनी दूर बैठें कि चेहरा सुरक्षित दूरी पर रहे।
इस्तेमाल का तरीका
- चाहें तो कपड़ा ढीला ओढ़ें, पर हवा की जगह छोड़ें। कुछ मिनट धीरे सांस लें।
- चक्कर आए, बहुत गर्मी लगे, या भाप चुभे तो तुरंत रुक जाएं।
- नाक बंद लगे तो दिन में एक बार काफी है। छोटे बच्चों के लिए नहीं।
मददगार आदतें
- उबलता पानी बहुत तेज होता है। जो पानी उबाल से उतर चुका हो वही लें।
- कटोरा गोद में नहीं, मेज पर रखें।
सावधानियाँ
- भाप केवल सुरक्षित दूरी से। छोटे बच्चों के लिए नहीं।
- चेहरा कटोरे में न डालें और सुगंधित तेल न मिलाएं।
- नाक बंद रहना या खांसी कुछ दिनों से आगे रहे, बुखार हो, या घरघराहट हो तो डॉक्टर को दिखाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
चेहरा कितना पास ले जाएं?
- इतना दूर कि भाप हल्की लगे। चेहरा कभी कटोरे के अंदर न डालें।
क्या छोटा बच्चा यह भाप ले सकता है?
- नहीं। भाप और तौलिया छोटे बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं।
क्या तुलसी की भाप जुकाम ठीक कर देती है?
- नहीं। बंद नाक पर थोड़ी देर का सहारा है। तकलीफ बनी रहे तो डॉक्टर से मिलें।





