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मसूड़ों पर हल्दी और नारियल तेल
हल्दी की चुटकी नारियल तेल की बूँद में मिलाएँ, चिढ़े मसूड़ों पर लगाएँ, फिर कुल्ला करके थूक दें। कपड़े पर दाग पड़ सकता है। मसूड़ों का इलाज नहीं।

मसूड़ों पर हल्दी और नारियल तेल
हल्दी उँगलियाँ, कपड़ा और कभी-कभी सिंक का किनारा रंग देती है। यह अपेक्षित है। लेप पतली पीली परत है, कुछ मिनट रहती है, फिर पानी से धुलती है जिसे थूक दिया जाता है।
हल्दी को घाव में न ठूँसें और मसूड़े के फोड़े पर न लगाएँ। सूजन, पीब, बुखार या ऐसा दर्द कि चबाना रुके, तब दाँतों के डॉक्टर चाहिए। तौलिए पर पीला निशान केवल मसाला है।
सामग्री
- हल्दी की एक चुटकी
- नारियल के तेल की 2 से 3 बूँदें
- हल्दी का लेप बहुत सूखा हो तभी थोड़ा और नारियल तेल
बनाने की विधि
- हल्दी को नारियल तेल में मिलाकर छोटा सा लेप बनाएँ।
- हाथ धोकर साफ उंगली या रुई का उपयोग करें।
इस्तेमाल का तरीका
- चिढ़े मसूड़े पर पतली परत लगाएँ और केवल कुछ मिनट रहने दें।
- पानी से कुल्ला करें और पीला लेप जाते तक थूक दें।
- कपड़ा और उँगलियाँ जल्दी धोएँ, क्योंकि हल्दी कपड़े पर दाग छोड़ सकती है।
मददगार आदतें
- ठुड्डी के नीचे पुराना कपड़ा टपकन थाम लेता है।
- कम हल्दी कम दाग छोड़ती है और इस लेप के लिए काफी है।
सावधानियाँ
- कुल्ला थूक दें। लेप रात भर न छोड़ें।
- हल्दी कपड़े, ब्रश और सिंक के किनारे रँग सकती है। अच्छे कपड़ों से दूर रखें।
- जले तो रोक दें। यह संक्रमण या दाँत के फोड़े का इलाज नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या हल्दी मसूड़ों पर रात भर छोड़ें?
- नहीं। कुछ मिनट, फिर कुल्ला करके पानी थूक दें।
कपड़ा पीला क्यों हो गया?
- हल्दी कपड़े पर दाग छोड़ सकती है। यह मसाला है, इस बात का संकेत नहीं कि लेप कारगर हो गया।
क्या यह लेप मसूड़े का फोड़ा मिटाता है?
- नहीं। सूजन, पीब, बुखार या चबाना रोक देने वाला दर्द दाँतों के डॉक्टर का विषय है।




