रोग प्रतिरोधक क्षमता20 मिनट
सादा चावल, ऊपर एक चुटकी हल्दी और कुछ बूंद घी
सादा चावल पर एक चुटकी हल्दी, कुछ दाने जीरा और कुछ बूंद घी डालना रोज का खाना है, कोई खास कटोरा नहीं। यह सहायक है और डॉक्टर का विकल्प नहीं।

हल्दी और घी से पूरा किया चावल
सादे चावल के बर्तन को बहुत कम चीज चाहिए। कुछ बूंद घी में जीरा और एक चुटकी हल्दी गरम करके अंत में चावल पर डाल देना ही पूरा तरीका है।
यह थाली थके दिन का सहायक रसोई का खाना है। यह डॉक्टर का विकल्प नहीं, और बहुत बड़ा ढेर चावल खाने का कारण भी नहीं।
सामग्री
- एक छोटी कटोरी पका सादा चावल
- एक चुटकी हल्दी
- कुछ बूंद घी
- एक चुटकी जीरा
बनाने की विधि
- चावल को नरम पकने दें और भारी मसाले के बिना सादा रखें।
- घी गरम करें, जीरा और हल्दी डालें, फिर पैन आंच से उतार लें।
इस्तेमाल का तरीका
- घी को चावल पर डालकर मिला दें।
- दाल या सादी सब्जी के साथ एक सामान्य कटोरा खाएं।
- हल्दी चुटकी भर रखें, इतनी चम्मच नहीं कि सारा बर्तन पीला हो जाए।
मददगार आदतें
- बचा हुआ चावल अगर अभी ताजा खुशबू दे तो इसी तरह गरम करके चलेगा।
- घी की कुछ बूंदें काफी हैं। थाली में तेल की झील जरूरी नहीं।
सावधानियाँ
- हल्दी एक चुटकी ही रखें। बड़ी मात्रा पेट बिगाड़ सकती है।
- घी या तली चीज पहले से भारी लगती हो तो घी और कम करें।
- यह सिर्फ सहायक है और डॉक्टर का विकल्प नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या चावल पुलाव की तरह पीला होना चाहिए?
- नहीं। एक चुटकी हल्दी सिर्फ घी को हल्का रंग देती है। चावल सादी थाली ही रहता है।
क्या जीरा छोड़ सकते हैं?
- थाली फिर भी हल्दी और घी वाला चावल ही है। जीरा सिर्फ जाना-पहचाना तड़के का स्वाद जोड़ता है।
क्या बड़ी कटोरी बेहतर है?
- नहीं। एक सामान्य कटोरा सहायक खाना है। बड़ा ढेर कोई फायदा नहीं जोड़ता, और यह डॉक्टर का विकल्प नहीं।







