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हल्दी और काली मिर्च का गुनगुना पानी, रोज का छोटा घूंट
एक चुटकी हल्दी और थोड़ी कुटी काली मिर्च गुनगुने पानी में मिलाना जाना-पहचाना रसोई का घूंट है, बड़ी रोज की मात्रा नहीं। यह खाने के साथ सहायक है और डॉक्टर का विकल्प नहीं।

यह हल्दी वाला पानी चुटकी भर ही क्यों रहता है
हल्दी और काली मिर्च ज्यादातर मसाले की डिब्बियों में पहले से होती हैं। कई घर सुबह गुनगुने पानी में एक चुटकी मिला लेते हैं, जैसे दाल में वही चुटकी पड़ती है। आदत छोटी मात्रा की है, बार-बार गाढ़ा गिलास बनाने की नहीं।
दिन में हल्की गर्माहट ठीक बैठती है, पर यह प्याला सिर्फ सहायक है। नींद, खाना, या तबीयत खराब हो तो डॉक्टर की जगह यह नहीं ले सकता।
सामग्री
- एक चुटकी हल्दी
- दो-तीन काली मिर्च, कुटी हुई
- एक कप गुनगुना पानी
बनाने की विधि
- काली मिर्च को चम्मच के पिछले हिस्से से मोटा कूट लें।
- हल्दी और काली मिर्च को गुनगुने, उबलते नहीं, पानी में मिला दें।
इस्तेमाल का तरीका
- सुबह या खाने के साथ एक छोटा प्याला धीरे-धीरे पिएं।
- अगले दिन भी वही चुटकी रखें। चम्मच भरकर न डालें।
- इसे सामान्य खाने और आराम के साथ एक सहायक आदत की तरह लें।
मददगार आदतें
- अगर सादा पानी तीखा लगे तो वही चुटकी चावल के एक कौर पर डाल लें।
- ताजा कुटी काली मिर्च काफी है। किसी भी मसाले की बड़ी चम्मच जरूरी नहीं।
सावधानियाँ
- रोज बड़ी मात्रा पेट बिगाड़ सकती है। कई गाढ़े गिलास नहीं, एक चुटकी ही रखें।
- हल्दी या काली मिर्च से पहले तकलीफ हुई हो तो छोड़ दें। नियमित दवा ले रहे हों तो डॉक्टर से पूछें।
- यह सिर्फ सहायक है और डॉक्टर का विकल्प नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
प्याले में हल्दी कितनी डालें?
- एक चुटकी, जितनी छोटी चम्मच के सिरे पर टिके। यह बड़ी रोज की मात्रा नहीं है।
काली मिर्च क्यों मिलाते हैं?
- थोड़ी कुटी काली मिर्च इस गुनगुने घूंट की आम रसोई की साथी है। इससे प्याला नमकीन-सा और छोटा रहता है।
क्या दिन में कई गिलास पी सकते हैं?
- नहीं। एक छोटा प्याला ही मतलब है। पेट गरम या बेचैन लगे तो रोकें और डॉक्टर से बात करें।





