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गले के लिए अडूसा (वासा) पत्ती की चाय

दो-तीन ताज़ी अडूसा पत्तियाँ और अदरक के टुकड़े से बनी पतली चाय, खराश में गुनगुना पिएँ। पारंपरिक उपयोग; गर्भावस्था और ख़ून पतला करने वाली दवाओं में न लें।

फोटो में पतली हल्की हरी चाय का काँच का कप है, पास में लंबी नुकीली अडूसा पत्तियाँ, अदरक के टुकड़े और शहद की कटोरी है।

ज़रूरी: यह नुस्खा केवल एक सहायक घरेलू उपाय है। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ लेते रहें, अपनी रीडिंग जाँचते रहें और कुछ भी नया शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

कड़वी पत्ती, लंबी परंपरा

अडूसा या वासा झाड़ी है जिसकी लंबी, नुकीली पत्तियाँ पारंपरिक भारतीय खाँसी के नुस्खों में इस्तेमाल होती हैं। पत्ती कड़वी होती है, इसलिए इसे हल्का भिगोया जाता है। इसका उपयोग पारंपरिक है और मनुष्यों पर प्रमाण सीमित हैं।

दो-तीन पत्तियाँ धोएँ, अदरक के टुकड़े के साथ गर्म पानी में पाँच मिनट भिगोएँ और गुनगुना पिएँ; कड़वी लगे तो थोड़ा शहद डालें। यह पारंपरिक आराम का पेय है, खाँसी या दमे का इलाज नहीं।

सामग्री

  • 2–3 ताज़ी अडूसा पत्तियाँ
  • 1 कप गर्म पानी
  • अदरक का 1 टुकड़ा
  • शहद, वैकल्पिक

बनाने की विधि

  1. पत्तियाँ धोकर हल्की फाड़ लें।
  2. अदरक के साथ गर्म पानी में पाँच मिनट भिगोएँ और छान लें।

इस्तेमाल का तरीका

  • कुछ दिन दिन में एक बार गुनगुना पिएँ।
  • थोड़ा ठंडा करके शहद डालें।

मददगार आदतें

  • ताज़ी साफ़ पत्तियाँ लें।
  • हल्की रखें; पत्ती कड़वी होती है।

सावधानियाँ

  • गर्भावस्था और स्तनपान में न लें।
  • ख़ून पतला करने की या अन्य नियमित दवा लेते हों तो डॉक्टर से पूछें।
  • लगातार खाँसी, घरघराहट या बुखार में डॉक्टर को दिखाएँ।
  • पारंपरिक पेय है, इलाज नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या अडूसा तुलसी जैसा ही है?

नहीं, यह अलग पौधा है जिसकी पत्तियाँ लंबी और नुकीली हैं।

क्या बच्चों के लिए सुरक्षित है?

डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं।

क्या सूखी पत्तियाँ ले सकते हैं?

हाँ, एक चुटकी।
सभी देखें: सर्दी-खांसी के घरेलू उपाय