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सोने से पहले भृंगराज तेल से सिर की मालिश

सोने से पहले गुनगुने भृंगराज तेल से पाँच मिनट धीमी सिर और स्कैल्प मालिश, शांत करने वाला आयुर्वेदिक शिरो-अभ्यंग।

चित्र में तह किया कपड़ा की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

भृंगराज के बारे में ज़रूरी बातें

भृंगराज, जिसे बालों का राजा कहा जाता है, नमी वाली जगहों में उगने वाली छोटी जड़ी है जो बालों के तेल और पैक में इस्तेमाल होती है। इंसानों पर प्रमाण सीमित हैं; तेल लगाने से मुख्य रूप से रूखापन और स्कैल्प की परेशानी में आराम मिलता है।

आयुर्वेद वात को शांत करने और नींद में मदद के लिए शिरो-अभ्यंग, यानी सिर की तेल मालिश, की सलाह देता है। भृंगराज तेल पारंपरिक पसंद है। धीमा, लयबद्ध स्पर्श शायद सबसे ज़्यादा मदद करता है।

सामग्री

  • 1 से 2 छोटे चम्मच भृंगराज तेल
  • तकिए पर पुराना तौलिया

बनाने की विधि

  1. बोतल गर्म पानी में रखकर तेल हल्का गुनगुना करें।

इस्तेमाल का तरीका

  • स्कैल्प, कनपटी और कानों के पीछे पाँच मिनट धीरे-धीरे मालिश करें।
  • तकिए पर तौलिया रखकर सोएँ; अगली सुबह बाल धोएँ।

मददगार आदतें

  • भृंगराज पाउडर गहरा हरा होता है; भूरा, धूल जैसा पाउडर पुराना है।

सावधानियाँ

  • इन्फ़ेक्शन या सूजन वाली स्कैल्प पर न करें।
  • स्कैल्प चिपचिपी या खुजलीदार हो जाए तो कुछ घंटों में धो लें।
  • यह पारंपरिक इस्तेमाल है; वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। डॉक्टर की दी हुई दवा बंद न करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या कोई और मालिश कर सकता है?

हाँ, यह और भी आरामदायक है।

कितनी बार?

हफ़्ते में दो-तीन रात।

क्या भृंगराज से बाल वापस उगते हैं?

कोई घरेलू उपाय भरोसे से बाल नहीं उगाता; अचानक या धब्बों में बाल झड़ें तो डॉक्टर को दिखाएँ।