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बाल30 मिनट

साप्ताहिक चंपी के लिए घर का भृंगराज-आंवला तेल

नारियल तेल में भृंगराज और आंवला पाउडर धीरे-धीरे गर्म करके, छानकर, हफ़्ते में एक बार आरामदायक सिर की मालिश के लिए। कुछ घंटों में धो लें।

चित्र में नारियल, आंवला की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

भारतीय घरों में भृंगराज

भृंगराज, जिसे बालों का राजा कहा जाता है, नमी वाली जगहों में उगने वाली छोटी जड़ी है जो बालों के तेल और पैक में इस्तेमाल होती है। इंसानों पर प्रमाण सीमित हैं; तेल लगाने से मुख्य रूप से रूखापन और स्कैल्प की परेशानी में आराम मिलता है।

भृंगराज और आंवला आयुर्वेद की बालों की दो पुरानी जड़ियाँ हैं। इन्हें घर पर नारियल तेल में पकाने से चंपी के लिए खुशबूदार, गहरा तेल बनता है। तेल लगाने से मुख्य रूप से रूखापन और बाल टूटना कम होता है; यह आनुवंशिकता नहीं बदलता।

सामग्री

  • 200 ml नारियल तेल
  • 1 बड़ा चम्मच भृंगराज पाउडर
  • 1 बड़ा चम्मच आंवला पाउडर

बनाने की विधि

  1. तेल को सबसे धीमी आँच पर गर्म करें; पाउडर मिलाएँ।
  2. धुआँ उठे बिना 10 से 15 मिनट बहुत धीमी आँच पर रखें; ठंडा करके मलमल से छानें और बोतल में भरें।

इस्तेमाल का तरीका

  • 2 छोटे चम्मच गुनगुना करके उँगलियों के पोरों से स्कैल्प पर पाँच मिनट मालिश करें।
  • एक-दो घंटे रखें, फिर हल्के शैम्पू से धो लें। हफ़्ते में एक बार।

मददगार आदतें

  • भृंगराज पाउडर गहरा हरा होता है; भूरा, धूल जैसा पाउडर पुराना है।

सावधानियाँ

  • सूजी, पपड़ीदार या इन्फ़ेक्शन वाली स्कैल्प पर तेल न लगाएँ।
  • स्कैल्प चिपचिपी या खुजलीदार हो जाए तो कुछ घंटों में धो लें।
  • पहले कान के पीछे पैच टेस्ट करें; कटी या सूजी हुई स्कैल्प पर न लगाएँ।
  • यह घरेलू उपाय है, इलाज नहीं। लक्षण कुछ दिनों से ज़्यादा रहें या बढ़ें तो डॉक्टर को दिखाएँ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या तेल रात भर छोड़ना चाहिए?

एक-दो घंटे काफ़ी हैं; कुछ लोगों में रात भर का तेल स्कैल्प बंद कर सकता है।

तेल कितने दिन चलता है?

सूखी, गहरे रंग की बोतल में लगभग दो महीने।

क्या भृंगराज से बाल वापस उगते हैं?

कोई घरेलू उपाय भरोसे से बाल नहीं उगाता; अचानक या धब्बों में बाल झड़ें तो डॉक्टर को दिखाएँ।