मुख्य सामग्री पर जाएँ
AllAyurvedics
त्वचा5 मिनट

फटे, सूखे होंठों के लिए घी और शहद

रात को होंठों पर शुद्ध घी की हल्की परत — जैसा आज भी कई दादी-नानी करती हैं — सूखे, छिलते होंठों का सबसे आसान इलाज है। थोड़ा शहद और कोमलता देता है।

चित्र में शहद, तिल की आयुर्वेदिक रसोई की व्यवस्था।

आयुर्वेद की दृष्टि से

होंठों में अपनी तेल ग्रंथियाँ नहीं होतीं, इसलिए ठंडी हवा, एसी वाले सूखे कमरों और गर्मी में वे जल्दी सूख जाते हैं। होंठ चाटने से हालत और बिगड़ती है, क्योंकि थूक सूखते समय नमी भी साथ ले जाता है। आयुर्वेद होंठों और नाभि के लिए घी को पोषक और वात शांत करने वाली चिकनाई मानता है; कई घरों में रात को नाभि में एक बूँद घी डालना भी सूखे होंठों के लिए अच्छा माना जाता है — एक हानिरहित परंपरा जिसे आप आज़मा सकते हैं।

सामग्री

  • ½ छोटा चम्मच शुद्ध देसी घी (परंपरा में गाय का घी)
  • कुछ बूँद शहद (वैकल्पिक)

बनाने की विधि

  1. घी और शहद को साफ़ उँगली पर या छोटी कटोरी में मिला लें।

इस्तेमाल का तरीका

  • सोते समय होंठों पर लगाकर रात भर छोड़ दें।
  • सुबह नरम गीले कपड़े से हल्के से पोंछें — इससे बिना छीले मृत पपड़ी हट जाती है।
  • दिन में जब भी होंठ सूखे लगें, सादा घी या बिना ख़ुशबू वाला लिप बाम लगाएँ।

मददगार आदतें

  • होंठ चाटना या चबाना बंद करें।
  • दिन भर पानी पिएँ और बाहर जाते समय एसपीएफ़ वाला लिप बाम लगाएँ।
  • बंद नाक की वजह से रात में मुँह से साँस लेने पर होंठ सूखते हैं — नाक की जकड़न का इलाज करें।

सावधानियाँ

  • एक साल से छोटे बच्चे को शहद न दें; बड़े बच्चों के लिए सादा घी ठीक है।
  • मुँह के कोनों की दरारें ठीक न हों तो विटामिन की कमी या फंगल संक्रमण हो सकता है — डॉक्टर को दिखाएँ।
  • खुजली या सूजन हो तो बंद करें; यह किसी लिप प्रोडक्ट या खाने से एलर्जी का संकेत हो सकता है।